“सपने पूरे होते हैं, बस उन्हें हकीकत बनाने का हौसला चाहिए।”— कैलाश इंस्टीट्यूट में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सत्र का आयोजन
“नए सपने, नई उड़ान”
“सपने पूरे होते हैं, बस उन्हें हकीकत बनाने का हौसला चाहिए।”— कैलाश इंस्टीट्यूट में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सत्र का आयोजन

ग्रेटर नोएडा। कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से समझने, उनके लक्ष्यों को पहचानने तथा उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से “नए सपने, नई उड़ान” नामक एक विशेष प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्रद्धेय एस.के. गोयल को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उनके जीवन, कार्यों, जीवन-मूल्यों एवं विद्यार्थियों के लिए उनके द्वारा दिखाए गए पथप्रदर्शक मार्ग को याद करते हुए उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।विद्यार्थियों को बताया गया कि महान व्यक्तित्व केवल अपनी उपलब्धियों के कारण ही नहीं, बल्कि अपने उच्च जीवन-मूल्यों, कर्मठता, अनुशासन और समाज को दिशा देने वाली सोच के कारण सदैव स्मरणीय रहते हैं।
संस्थान के प्रबंध निदेशक संदीप गोयल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने पूजनीय संस्थापक अध्यक्ष एस.के. गोयल के साथ कार्य करने के अनुभवों एवं स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “सपने केवल देखने के लिए नहीं होते, उन्हें साकार करने के लिए साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों और असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है।कार्यक्रम के दौरान जैस्मिन मैम ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए उनके नए शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास एवं भविष्य के लक्ष्यों के प्रति सजग रहने तथा संस्थान में उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन कुसुमलता मैम के प्रेरणादायक संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखने तथा निरंतर परिश्रम के माध्यम से अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रेरित किया।
“नए सपने, नई उड़ान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के मन में आत्मविश्वास, उद्देश्य और सफलता की भावना जगाने की एक सार्थक पहल रही। इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के साथ हर सपना एक नई उड़ान बन सकता है।
कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज की यह पहल विद्यार्थियों को केवल एक कुशल स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ बनाने की दिशा में ही नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील, अनुशासित एवं मूल्य-आधारित भावी स्वास्थ्य सेवा नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।




