ग्रेटर नोएडा में इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो का भव्य शुभारंभ
ग्रेटर नोएडा में इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो का भव्य शुभारंभ
कचरे को समस्या नहीं, ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर में बदलने की जरूरत
पीएम सूर्य घर, CBG उत्पादन और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम
निवेशकों को ऊर्जा मंत्री का आमंत्रण—यूपी आइए, कहीं भी प्लांट लगाइए
बायोएनर्जी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाएं, किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: ए के शर्मा

गौतमबुद्धनगर।उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, बायोएनर्जी, निवेश और नवाचार को नई गति देने वाले इंडिया बायोएनर्जी & टेक एक्सपो (IBET Expo)-2026 का आज ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस अवसर पर देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों एवं प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बताया।अपने संबोधन में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है, सीबीजी प्रोडक्शन में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश आज पीसफुल स्टेट के रूप में प्रथम स्थान पर है और बिजनेस फ्रेंडली स्टेट के रूप में भी सबसे ऊपर है।
ऊर्जा मंत्री ने देश-विदेश के सभी निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स का उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आह्वान करते हुए कहा कि ‘‘आप आइए और उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट लगाइए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। सुरक्षित, शांतिपूर्ण और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, गन्ना उत्पादन, कृषि अवशेष, जैविक अपशिष्ट और नगरीय ठोस कचरा बायोएनर्जी उत्पादन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हैं। इन संसाधनों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपयोग कर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में नई ऊर्जा तकनीकों को प्रोत्साहन मिले, बड़े पैमाने पर निवेश आए, रोजगार के नए अवसर पैदा हों और पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को गति मिले।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि कचरे को समस्या के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर के रूप में देखा जाए। सीबीजी , बायोगैस, बायोमास और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी तकनीकें न केवल स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा सकती हैं, बल्कि कचरा प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी को भी मजबूती प्रदान कर सकती हैं।उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी के क्षेत्र में निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों के कृषि अवशेषों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे किसानों की अतिरिक्त आय, स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऐसे अन्तर्राष्ट्रीय आयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के सामने अपनी संभावनाओं को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। प्रदेश सरकार निवेश, तकनीक, नवाचार और उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि नई ऊर्जा तकनीक, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनना है। बायोएनर्जी के क्षेत्र में आने वाले निवेश से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा “उत्तर प्रदेश भारत के बायोएनर्जी ट्रांज़िशन में एक प्रमुख शक्ति के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। इसके पीछे राज्य के विशाल कृषि संसाधन, बढ़ता सीबीजी इकोसिस्टम और मज़बूत पॉलिसी सपोर्ट है। बायोएनर्जी, कृषि और शहरी कचरे को ऊर्जा में बदलने, ग्रामीण रोज़गार पैदा करने और किसानों की आय बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने आगे कहा, “राज्य सीबीजी और अन्य बायोएनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और कुशल मैनपावर से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी कर रहा है। हम उत्तर प्रदेश में सीबीजी उपकरण बनाने और ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की भी बड़ी संभावना देखते हैं, जिससे हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। सरकार के मज़बूत समर्थन और इंडस्ट्री की साझेदारी के साथ, उत्तर प्रदेश बायोएनर्जी को अपनी आर्थिक और टिकाऊ विकास का मुख्य आधार बनाने की अच्छी स्थिति में है।”अपने संबोधन में, उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा और ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोतों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के चेयरमैन, डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा, “उत्तर प्रदेश भारत की बायो-एनर्जी राजधानी के रूप में उभरा है; देश के 30% से ज्यादा CBG प्लांट इसी राज्य में हैं और यह देश का दूसरा सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक राज्य है। हमारी ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कमाई) पहल का मकसद राज्य में मौजूद भारी मात्रा में बायोमास को ऊर्जा, मूल्य और किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका में बदलना है। क्षमता-आधारित प्रोत्साहन के ज़रिए जिसमें सीबीजी के लिए प्रति टीडीपी ₹75 लाख और बायो-कोल के लिए प्रति टीडीपी प्रति वर्ष ₹75,000 की पूंजी सहायता शामिल है हम निवेश का एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहे हैं। पाइपलाइन में 84 सीबीजी और 8 बायो-कोल प्लांट के साथ, यूपी बायो-एनर्जी को बढ़ाने और साथ ही एफपीओ , सहकारी समितियों और किसानों की आय को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा, “उत्तर प्रदेश में भारत के सबसे महत्वपूर्ण बायो-एनर्जी निवेश स्थलों में से एक के रूप में उभरने के लिए ज़रूरी पैमाना, कृषि आधार और नीतिगत महत्वाकांक्षा मौजूद है। राज्य के प्रचुर बायोमास संसाधन नए उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ किसानों के लिए मूल्य सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोज़गार पैदा करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बायो-एनर्जी विकास के अगले चरण में निवेश, तकनीक, उद्योग और कुशल कार्यबल को एक साथ लाकर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और टिकाऊ इकोसिस्टम बनाना होगा। ये उद्योग और निवेशकों के लिए सरकार के साथ जुड़ने, उत्तर प्रदेश में अवसरों का पता लगाने और एक मज़बूत बायो-एनर्जी अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है; ऐसी अर्थव्यवस्था जो नौकरियां पैदा करे, किसानों की आय बढ़ाए और भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाए।कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने फीता काटकर 150 से अधिक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का शुभारंभ एवं अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शित बायोएनर्जी, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार से जुड़े उत्पादों एवं समाधानों की जानकारी ली। इस अवसर पर मंत्री ए.के. शर्मा ने ‘भारत बायो एनर्जी कंपास’ नाम से वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। यह पहल बायोएनर्जी क्षेत्र से जुड़े निवेशकों, उद्योगों, विशेषज्ञों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर जानकारी एवं अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।ये उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति, जैविक संसाधनों और ऊर्जा संभावनाओं को आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। इससे प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ किसानों की अतिरिक्त आय, ग्रामीण रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के नए अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है।




