जीबीयू में बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण” विषय पर एक सप्ताह का लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम (ऑनलाइन/हाइब्रिड) हुआ प्रारंभ
जीबीयू में बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण” विषय पर एक सप्ताह का लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम (ऑनलाइन/हाइब्रिड) हुआ प्रारंभ

ग्रेटर नोएडा । स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (SoBT) द्वारा दिनांक 20 से 24 अप्रैल 2026 तक “बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण” विषय पर एक सप्ताह का लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम (ऑनलाइन/हाइब्रिड) सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों के मध्य अंतःविषयक ज्ञान के संवर्धन तथा व्यावहारिक कौशल के विकास को प्रोत्साहित करना था।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के प्रो. नसीम ए. गौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने “माइक्रोबियल सेल फैक्ट्रीज़ एंड बायोफाउंड्रीज़: फ्यूचर बायोइकोनॉमी के इंजन” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए इंजीनियर्ड सूक्ष्मजीव प्रणालियों तथा बायोफाउंड्रीज़ की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो भविष्य की बायोइकोनॉमी एवं सतत औद्योगिक प्रक्रियाओं को गति प्रदान करती हैं।गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. राजीव वर्ष्णेय ने अपने संबोधन में उद्योगों के संदर्भ में बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को रेखांकित किया। स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला की संयोजक डॉ. रेखा पुरिया ने स्वागत उद्बोधन में आधुनिक विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका तथा ओमिक्स प्रौद्योगिकियों के माध्यम से जैव-उत्पादों के आर्थिक एवं प्रभावी उत्पादन की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए।डॉ. बर्खा सिंघल (संयोजक) ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं संरचना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम डॉ. उपमा पाल एवं डॉ. निशा गौर (सह-संयोजक) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।इस आयोजन में विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा पुरिया, संकाय सदस्यों, डॉ. निधि पाल सिंह (नोडल अधिकारी, AIU), प्रो. इंदु उप्रेती (डीन, प्लानिंग एंड रिसर्च), तथा अन्य AIU सदस्य डॉ. आरती गौतम दिनकर का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के अंतर्गत कार्तव्य माथुर द्वारा संचालित प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) सत्रों में प्रतिभागियों को ओमिक्स डेटा विश्लेषण एवं बायोमैन्युफैक्चरिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों से संबंधित व्यावहारिक उपकरणों एवं विधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन सत्रों ने प्रतिभागियों को मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया तथा उनकी तकनीकी दक्षताओं को सुदृढ़ किया।इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरे सप्ताह के दौरान सैद्धांतिक व्याख्यानों एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण का संतुलित समन्वय प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकृत उपयोग की व्यापक समझ प्राप्त हुई।उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ तथा इसे सभी प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे जैव प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में क्षमता निर्माण एवं नवाचार को प्रोत्साहन मिल सके।




