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श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

ग्रेटर नोएडा । श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल एवं डॉ. गिरीश कुमार वर्ष के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विज्ञान विभाग के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रेशा ने बताया कि विश्व पृथ्वी दिवस की शुरुआत वर्ष 1970 में नेल्सन द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखें। अमित नागर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वायु, जल एवं पृथ्वी प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण स्वयं मनुष्य है। मानव की गतिविधियों के कारण ही पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।डॉ. रश्मि गुप्ता ने अपने वक्तव्य में बताया कि ब्रह्मांड पंचतत्व—वायु, जल, पृथ्वी, अग्नि और आकाश—से मिलकर बना है। यदि इनमें से किसी एक तत्व को भी प्रदूषित किया जाता है, तो उसका प्रभाव सभी पर पड़ता है। उन्होंने पृथ्वी को ‘माता’ का दर्जा देते हुए कहा कि यही हमें जीवन प्रदान करती है और हमारा पालन-पोषण करती है। उन्होंने युवा पीढ़ी को विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।उन्होंने यह भी कहा कि “प्रकृति को हम जो देते हैं, वही हमें लौटाती है।” वर्तमान समय में बढ़ती बीमारियां इस बात का संकेत हैं कि हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की आवश्यकता है। पूर्व समय में लोग भले ही कम शिक्षित थे, लेकिन प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील और समर्पित थे, जिसके कारण वातावरण अधिक स्वच्छ एवं संतुलित था। इस वर्ष की थीम “Our Planet, Our Power” को ध्यान में रखते हुए सभी ने पृथ्वी संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिपाल सिंह एवं कु. चारू सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके अतिरिक्त, छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला। अंत में, सभी ने मिलकर पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने की शपथ ली और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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