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आई आई ए ग्रेटर नोएडा चैप्टर कार्यालय के सभागार में उद्यमी – एकेडमी संवाद का हुआ सफल आयोजन

आई आई ए ग्रेटर नोएडा चैप्टर कार्यालय के सभागार में उद्यमी – एकेडमी संवाद का हुआ सफल आयोजन

ग्रेटर नोएडा । आई आई ए के ग्रेटर नोएडा चैप्टर कार्यालय के सभागार में “उद्यमी – एकेडमिया संवाद” कार्यक्रम का गरिमामय एवं ज्ञानवर्धक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत एवं अकादमिक संस्थानों के मध्य सार्थक संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश, चुनौतियों एवं अवसरों से अवगत कराना रहा।इस अवसर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय से Adv. Mathew K. Thomas (Industry Head) एवं Dr. Namita Gupta (HR Head, School of Business) के नेतृत्व में 20 से अधिक MBA के विद्यार्थी उपस्थित रहे। ये सभी विद्यार्थी भविष्य के संभावित उद्यमियों के रूप में एमएसएमई क्षेत्र की कार्यप्रणाली, आवश्यकताओं एवं संभावनाओं को समझने हेतु अत्यंत उत्सुक एवं जिज्ञासु थे।आईआईए ग्रेटर नोएडा चैप्टर की ओर से जगदीश सिंह, राकेश बंसल, जे.एस. राणा, सर्वेश गुप्ता, विजय गोयल, नवीन गुप्ता, कपिल कलकल एवं दीपक सिंह (मुकुल गर्ग एंड एसोसिएट्स) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशिष्टता प्रदान की।कार्यक्रम का शुभारंभ राकेश बंसल द्वारा सभी आगंतुकों के सादर स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की संरचना, उद्देश्यों एवं वर्तमान कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उद्योग जगत के व्यावहारिक आयामों से परिचित कराया। इसके उपरांत वरिष्ठ उद्योगपतियों ने अपने बहुमूल्य अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

वक्ताओं ने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए:

वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आत्मविश्वास, धैर्य एवं नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करने की आवश्यकता।तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ (कॉमन सेंस) एवं समयानुकूल निर्णय क्षमता का महत्व। गुणवत्ता, समयबद्धता एवं ग्राहक संतुष्टि को व्यापार की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता। अनुभवजन्य सीख (Experiential Learning) को दीर्घकालिक सफलता का प्रमुख साधन बताया गया।  सर्वेश गुप्ता ने चुनौतियों के मध्य संतुलित दृष्टिकोण एवं सकारात्मक नेतृत्व क्षमता पर बल दिया। इसी क्रम में श्री राकेश बंसल जी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को निडरता एवं नैतिकता के साथ निर्णय लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि किसी भी कार्य को करते समय सत्यनिष्ठा, समयबद्धता एवं व्यावहारिक बुद्धिमत्ता (कॉमन सेंस) का समुचित संतुलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है जब उसे परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उनके विचारों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया। जे.एस. राणा ने तकनीकी दक्षता एवं निरंतर सीखने की प्रक्रिया को आवश्यक बताया, जबकि नवीन गुप्ता ने व्यावसायिक प्रतिबद्धता एवं गुणवत्ता के महत्व को रेखांकित किया। जगदीश सिंहने दृढ़ संकल्प एवं सतत प्रयास को सफलता का मूल मंत्र बताया। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार, नवाचार संबंधी दृष्टिकोण एवं भविष्य की योजनाएं साझा कीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे उद्यमिता के प्रति सजग एवं समर्पित हैं। उपस्थित वरिष्ठजनों ने उनके विचारों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा भविष्य में राष्ट्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।कार्यक्रम के दौरान आईआईए टीम द्वारा Adv. Mathew K. Thomas एवं Dr. Namita Gupta को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को भी प्रतीकात्मक रूप से स्मृति उपहार प्रदान किए गए।प्रत्युत्तर में विश्वविद्यालय की ओर से आईआईए के वरिष्ठ सदस्यो जगदीश सिंह, राकेश बंसल, जे.एस. राणा, सर्वेश गुप्ता एवं विजय गोयल—को सम्मानित किया गया, जो उद्योग–अकादमिक समन्वय की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया, जिससे संवाद और अधिक सार्थक एवं उपयोगी बन सका। कार्यक्रम का समापन राकेश बंसल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं शुभकामनाओं के साथ किया गया। तत्पश्चात सभी उपस्थितजनों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में हाई-टी का आनंद लिया।यह संवाद सत्र न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उद्योग एवं शिक्षा जगत के मध्य सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

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