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नोएडा में निषाद पार्टी ने दिखाई ताकत, ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे संजय निषाद, ऐतिहासिक रैली में निषाद- कश्यप-गुर्जर संगठित शक्ति प्रदर्शन से 2027 का बिगुल

नोएडा में निषाद पार्टी ने दिखाई ताकत, ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे संजय निषाद, ऐतिहासिक रैली में निषाद- कश्यप-गुर्जर संगठित शक्ति प्रदर्शन से 2027 का बिगुल

ग्रेटर नोएडा/नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को उस समय बड़ा संदेश गया, जब निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने नोएडा स्थित गेस्ट हाउस से ट्रैक्टर पर सवार होकर रैली के लिए कूच किया। इसे किसानों से जुड़ाव का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। इसके बाद वह भारी समर्थकों के साथ पैदल पदयात्रा करते हुए सेक्टर-21 स्थित इंडोर स्टेडियम पहुंचे। इस दौरान रास्ते भर समर्थक जयकारे लगाते रहे और महिलाओं ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद भी दिया।इस पदयात्रा और रैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुर्जर नेता वीरेंद्र डाढा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। वे ग्रेटर नोएडा से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोगों के साथ इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे रैली का स्वरूप और भी विशाल हो गया।महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में निषाद, कश्यप और गुर्जर समाज के हजारों लोग एक मंच पर जुटे, जिससे 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का स्पष्ट संकेत मिल गया। सेक्टर-21 इंडोर स्टेडियम खचाखच भरा नजर आया और पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल रहा।रैली को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि यह आयोजन उन लोगों के लिए जवाब है, जो निषाद पार्टी को केवल पूर्वांचल तक सीमित मानते थे। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम यूपी में भी पार्टी तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और समाज किसी की “जेब का वोट बैंक” नहीं रहेगा।

उन्होंने “निषाद-कश्यप-गुर्जर एकता” का नारा बुलंद करते हुए कहा कि अब यह एकजुटता रुकने वाली नहीं है। कार्यक्रम के जरिए विभिन्न समाजों को एक मंच पर लाकर राजनीतिक एकता का संदेश दिया गया, जिसे 2027 चुनाव से पहले बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।डॉ. निषाद ने बताया कि मूल रूप से यह कार्यक्रम मत्स्य विभाग की योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए था, लेकिन जनसमर्थन के चलते यह एक विशाल जनसभा में बदल गया। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए मछुआ समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं और एक लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने युवाओं से मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार अपनाने की अपील की।

अपने संबोधन में उन्होंने मझवार-तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग दोहराई और विश्वास जताया कि इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाधान करेंगे। “मोदी-योगी सीट देते हैं, हम जीत देते हैं” नारे के साथ उन्होंने एनडीए में अपनी भूमिका को मजबूत बताया।मेरठ के सोनू कश्यप हत्याकांड का जिक्र करते हुए वे भावुक भी हुए और कहा कि समाज के साथ अन्याय होने पर वे हर हाल में खड़े रहेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने अखिलेश यादव से कई सवाल किए और कहा कि निषाद-कश्यप समाज अब किसी के बहकावे में नहीं आएगा। इस रैली में गुर्जर वीरेन्द्र डाढा के नेतृत्व में हजारों लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

रैली में गुर्जर समाज की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. निषाद ने दादरी स्थित सम्राट मिहिर भोज कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा देने, स्वतंत्रता सेनानियों विजय सिंह पथिक और धन सिंह कोतवाल को भारत रत्न देने, मेरठ का नाम धन सिंह गुर्जर के नाम पर रखने तथा महर्षि कश्यप की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की रैलियों के बाद नोएडा में यह तीसरा बड़ा राजनीतिक आयोजन रहा, जिसने पूरे क्षेत्र को चुनावी रंग में रंग दिया है।कुल मिलाकर, निषाद पार्टी की यह रैली केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि 2027 चुनाव की रणभेरी के रूप में देखी जा रही है, जिसने पश्चिम यूपी की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।

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