शारदा विश्वविद्यालय में योग निद्रा कार्यशाला का सफल आयोजन, 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
शारदा विश्वविद्यालय में योग निद्रा कार्यशाला का सफल आयोजन, 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ

ग्रेटर नोएडा।शारदा विश्वविद्यालय द्वारा योग निद्रा पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन “एमआरआई आधारित योग निद्रा के न्यूरोकॉग्निटिव प्रभावों के अध्ययन” के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक योग पद्धतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना है। यह कार्यक्रम “सेंटर फॉर एआई इन मेडिसिन, इमेजिंग एंड फॉरेंसिक्स” के नेतृत्व में भारतीय संस्कृती वैश्विक केंद्र, शारदा स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज, श्रीमठ योग तथा Gi4QC Forum के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कुल 60 स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 35 प्रतिभागियों का चयन मनोवैज्ञानिक परीक्षण एवं प्री-ट्रेनिंग एमआरआई स्कैन के आधार पर किया गया। चयनित प्रतिभागी अब 19 मार्च से 8 अप्रैल 2026 तक चलने वाले 21 दिवसीय योग निद्रा प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के पश्चात प्रतिभागियों के पोस्ट-ट्रेनिंग fMRI स्कैन किए जाएंगे, जिससे मस्तिष्क पर इसके प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सके। इस अध्ययन का उद्देश्य योग निद्रा के माध्यम से तनाव में कमी, बेहतर नींद, भावनात्मक संतुलन एवं मानसिक क्षमता में सुधार जैसे लाभों का वैज्ञानिक प्रमाण जुटाना है।यह अध्ययन प्रो. अशोक कुमार के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।प्रो. अशोक कुमार ने कहा* , “यह आयोजन पारंपरिक भारतीय योग पद्धतियों को वैज्ञानिक रूप से समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें विश्वास है कि इस अध्ययन के परिणाम मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेंगे,” इस कार्यक्रम के दौरान वाइस चांसलर (प्रो.) डॉ. सिबाराम खारा, डॉ. भुमनेश, डीन रिसर्च, डॉ. पारुल खरे, डॉ. संजय, डॉ. रवींद्र श्रीवास्तव, न्यूरो सर्जन, डॉ. खेमिंन्द्र डॉ. श्रीकांत, सहित अन्य स्कूलों के फैकल्टी मेंबर्स, डॉक्टर्स, और स्टूडेंट्स आदि मौजूद रहे।




