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राष्ट्रीय सेवा योजना – सात दिवसीय विशेष शिविर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर (गौतम बुद्ध नगर)

राष्ट्रीय सेवा योजना – सात दिवसीय विशेष शिविर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर (गौतम बुद्ध नगर)

ग्रेटर नोएडा ।सोमवार को श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस ) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन का कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालय, विकासखंड दनकौर (ग्राम सलारपुर) में संपन्न हुआ। यह शिविर महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल तथा प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के संरक्षण में एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया तथा सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।चौथे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेवकों द्वारा श्रमदान से की गई। स्वयंसेवकों ने प्राथमिक विद्यालय परिसर में साफ-सफाई करते हुए उगी हुई घास, अनावश्यक पौधों तथा कंटीली झाड़ियों को हटाया और पूरे परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान चलाया। एकत्रित कूड़े को विद्यालय परिसर के बाहर निर्धारित स्थान पर रखा गया, जिसे नगर निगम द्वारा उठाया जाता है। श्रमदान के पश्चात स्वयंसेवकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। जलपान के उपरांत स्वयंसेवकों ने स्वच्छता का परिचय देते हुए अपने द्वारा उत्पन्न कूड़े-करकट को विद्यालय परिसर में स्थापित डस्टबिन में डाला।

इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने मतदान जागरूकता रैली निकालकर ग्राम सलारपुर की गलियों में जाकर लोगों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न नारों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने तथा लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया।रैली के उपरांत शिविर स्थल पर “मतदान जागरूकता एवं साइबर क्राइम” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर थाना दनकौर से एसआई गजेंद्र सिंह तथा एसआई विनीत दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। संगोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स, एसआई गजेंद्र सिंह तथा एसआई विनीत दुबे द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। तत्पश्चात स्वयंसेविकाओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।संगोष्ठी में एसआई विनीत दुबे ने स्वयंसेवकों को साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध प्रायः तब होते हैं जब व्यक्ति असावधान रहता है अथवा किसी प्रकार के लालच में आ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी स्थिति में ओटीपी (ओटीपी ) साझा न करने, संदिग्ध कॉल अथवा संदेशों से सतर्क रहने तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने तथाकथित “साइबर अरेस्ट” जैसे नए प्रकार के साइबर अपराधों से भी विद्यार्थियों को सावधान किया।इसी क्रम में एसआई गजेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा ईमेल के पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी तस्वीरें साझा करते समय गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक है, अन्यथा उनका दुरुपयोग भी किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए करने तथा अनावश्यक जोखिमों से बचने की सलाह दी।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न प्राध्यापकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इतिहास विभाग की प्राध्यापिका डॉ. नाज़ परवीन ने मतदान के उद्देश्यों एवं उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

समाजशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. संगीता रावल ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने वोट का सही प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि एक सही मतदान ही राष्ट्र की प्रगति का आधार बनता है।मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका प्रीति शर्मा ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं ट्विटर के उपयोग में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया। वहीं ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की प्राध्यापिका कुमारी नगमा सलमानी ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) से जुड़े उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के प्रति जागरूक किया।शिक्षा विभाग के प्राध्यापक इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को मतदान के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का एक वोट अत्यंत मूल्यवान होता है और इसके माध्यम से हम राष्ट्र की दिशा निर्धारित कर सकते हैं।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “मतदान” शब्द का अर्थ है—अपने विचारों को निस्वार्थ भाव से राष्ट्रहित में व्यक्त करना। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक अपने विवेक और सकारात्मक सोच के साथ योग्य प्रतिनिधियों का चयन करेंगे, तो राष्ट्र की प्रगति और लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित होगी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में सजग रहकर तकनीक का सीमित एवं सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी तथा अनावश्यक रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों में व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने का आग्रह किया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाए रखने के लिए मतदान उतना ही आवश्यक है जितना जीवन के लिए भोजन। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि जिन विद्यार्थियों की मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं है, वे अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं और लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल ने अपने आशीर्वचन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए तथा अपने विवेक के आधार पर सही निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि मतदान द्वारा लिए गए निर्णय ही समाज और राष्ट्र के भविष्य को निर्धारित करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर द्वारा किया गया। उन्होंने अपने वक्तव्य में साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें वित्तीय धोखाधड़ी, डेटा चोरी (हैकिंग), पहचान की चोरी, रैनसमवेयर हमले, सोशल मीडिया एवं ईमेल धोखाधड़ी तथा साइबर बुलिंग प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से इन अपराधों से बचा जा सकता है और आज के इस कार्यक्रम से राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक निश्चित रूप से जागरूक होकर समाज में भी जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों द्वारा मतदान जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ एवं भाषण प्रस्तुत किए गए। अंत में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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