नोएडा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण, 56 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन
नोएडा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण, 56 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन

नोएडा। फोर्टिस अस्पताल नोएडा ने हृदय प्रत्यारोपण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा क्षेत्र का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया गया। क्रोनिक हार्ट फेलियर से जूझ रहे 56 वर्षीय तपस कुमार डे का सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपण कर उन्हें नया जीवन दिया गया।
डॉ. अजय कौल, चेयरमैन-कार्डियाक साइंसेज, फोर्टिस अस्पताल नोएडा के नेतृत्व में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने यह जटिल सर्जरी पूरी की। मरीज पिछले कई वर्षों से गंभीर हार्ट फेलियर से पीड़ित थे और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने के साथ उन्हें सांस लेने में भी गंभीर परेशानी हो रही थी। दवाओं से उनकी स्थिति नियंत्रित नहीं हो पा रही थी और तत्काल हृदय प्रत्यारोपण की आवश्यकता थी।
पंचकुला से नोएडा पहुंचा डोनर हार्ट
मरीज के लिए पंचकुला में डोनर हार्ट उपलब्ध होने के बाद उसे नोएडा पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। हृदय को सीमित समय के भीतर प्रत्यारोपित करना जरूरी था। इसके लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, डॉक्टरों, एयरपोर्ट अधिकारियों, जिला प्रशासन और नोटो के बीच समन्वय स्थापित किया गया।
डोनर हार्ट को हवाई मार्ग से गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचाया गया। इसके बाद गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। करीब 20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में तय कर डोनर हार्ट को फोर्टिस अस्पताल नोएडा पहुंचाया गया।अस्पताल में हृदय पहुंचते ही सर्जिकल टीम ने तत्काल मरीज को ऑपरेशन थिएटर में लिया। खराब हो चुके हृदय को निकालकर डोनर हार्ट का प्रत्यारोपण किया गया। करीब एक घंटे में प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी हुई और नए हृदय में रक्त प्रवाह तथा धड़कनें शुरू हुईं।
विशेषज्ञ टीम की निगरानी में मरीज की रिकवरी
सर्जरी के बाद मरीज को विशेष निगरानी में रखा गया। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, गुर्दों की समस्या, उच्च रक्तचाप और गंभीर हृदय स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने चौबीसों घंटे उनकी निगरानी की। दवाओं और विशेष उपचार के माध्यम से रक्त प्रवाह को स्थिर करने तथा अंगों की रिकवरी में मदद की गई।मरीज तपस कुमार डे ने कहा कि नया जीवन मिलना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने डोनर परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके कठिन समय में अंगदान के निर्णय ने उन्हें जीवन जारी रखने का अवसर दिया।फोर्टिस अस्पताल के डॉ. अजय कौल ने कहा कि मरीज का हृदय बेहद कमजोर हो चुका था और नया हृदय ही उनके लिए जीवन बचाने का एकमात्र विकल्प था। उन्होंने कहा कि इस सफल प्रत्यारोपण से नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को हृदय प्रत्यारोपण के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी।अस्पताल के रीजनल डायरेक्टर मोहित सिंह ने इस उपलब्धि को डॉक्टरों, क्रिटिकल केयर टीम, पुलिस, एयरपोर्ट अधिकारियों, प्रशासन और नोटो के समन्वय का परिणाम बताया। उन्होंने डोनर परिवार के अंगदान के फैसले को भी महत्वपूर्ण बताया।




