₹1 में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा का प्रस्ताव, यमुना एक्सप्रेसवे पर शुरू होगा ‘संजीवनी बूटी मिशन,हेलमेटमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर राघवेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण पहल
₹1 में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा का प्रस्ताव, यमुना एक्सप्रेसवे पर शुरू होगा ‘संजीवनी बूटी मिशन,हेलमेटमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर राघवेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण पहल

ग्रेटर नोएडा। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने और घायलों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में ‘हेलमेटमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध राघवेंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे पर मात्र ₹1 के अतिरिक्त शुल्क से हेलीकॉप्टर आधारित आपातकालीन चिकित्सा सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल को ‘संजीवनी बूटी मिशन’ नाम दिया गया है।इस संबंध में बुधवार को राघवेंद्र कुमार की ओर से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी शैलेन्द्र सिंह को औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया।
दुर्घटना के बाद ‘स्वर्णिम घंटे’ में मिलेगी मदद
‘संजीवनी बूटी मिशन’ का मुख्य उद्देश्य यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाली गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को दुर्घटना के बाद के बेहद महत्वपूर्ण ‘स्वर्णिम घंटे’ के भीतर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। लंबे एक्सप्रेसवे पर सड़क मार्ग से एंबुलेंस पहुंचने में लगने वाले समय को कम करने के लिए गंभीर रूप से घायल मरीजों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकटतम अत्याधुनिक आघात चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की योजना है।इस पहल के तहत दुर्घटना संभावित स्थानों के आसपास हेलीकॉप्टर उतारने और उड़ान संचालन के लिए यमुना प्राधिकरण से आवश्यक प्रशासनिक अनुमति मांगी गई है।
सरकार पर नहीं पड़ेगा आर्थिक बोझ
इस प्रस्ताव की खास बात यह है कि इसमें सरकारी कोष से किसी अतिरिक्त धनराशि की मांग नहीं की गई है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन से केवल ₹1 का अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रस्ताव है।इस राशि से एक पारदर्शी ‘संजीवनी सुरक्षा कोष’ बनाया जाएगा। इसी कोष के माध्यम से हेलीकॉप्टर, ईंधन, चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन बचाव व्यवस्था का खर्च वहन करने की योजना है। दुर्घटना पीड़ित को हवाई बचाव और तत्काल चिकित्सा सुविधा के लिए अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।
विशेषज्ञों की टीम संभालेगी जिम्मेदारी
इस महत्वाकांक्षी अभियान में विशेषज्ञों की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित गौर अभियान के संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था, हेलीपैड संबंधी आधारभूत ढांचे और विमानन नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।वहीं, डॉ. नवनीत सिंह आपातकालीन चिकित्सा और गंभीर मरीजों के हवाई बचाव के क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों के अनुभव के साथ अभियान को चिकित्सकीय विशेषज्ञता प्रदान करेंगे। टीम के अनुसार, डॉ. नवनीत सिंह ने विश्व स्तर पर 5,000 से अधिक जटिल बचाव अभियानों में योगदान दिया है।
12 वर्षों से सड़क सुरक्षा के लिए अभियान
‘हेलमेटमैन ऑफ इंडिया’ राघवेंद्र कुमार पिछले 12 वर्षों से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद समय पर उपचार मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। ‘संजीवनी बूटी मिशन’ इसी अंतर को कम करने की दिशा में एक प्रयास है।
देश के लिए बनेगा मॉडल
यदि यह योजना सफल होती है तो यमुना एक्सप्रेसवे देश में ‘स्वर्णिम घंटा सड़क सुरक्षा मॉडल’ के रूप में एक नई मिसाल कायम कर सकता है। इसके बाद देश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे पर भी ऐसी व्यवस्था लागू करने का रास्ता खुल सकता है।इस प्रस्ताव को तैयार करने और प्रस्तुत करने वाली टीम में डॉ. नवनीत सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित गौर, पवन कुमार, सिद्धि विनायक, श्रेया सिंह, नंद किशोर और ओम प्रकाश शामिल हैं। यह पूरी टीम ‘हेलमेटमैन ऑफ इंडिया’ राघवेंद्र कुमार के साथ सड़क सुरक्षा और जीवन बचाने के अभियान को आगे बढ़ाने में जुटी है।




