पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 100 से अधिक कारीगर हुए शामिल
पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 100 से अधिक कारीगर हुए शामिल

ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम एवं ऋण मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई विभाग के सहयोग से किया गया। शारदा विश्वविद्यालय के आधिकारिक कार्यक्रम कैलेंडर में भी 31 अगस्त को इस कार्यक्रम के आयोजन की पुष्टि की गई है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को उद्यमिता, विपणन, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और बाजार के अवसरों के बारे में जागरूक करना रहा।कार्यक्रम में 100 से अधिक पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दो लाभार्थियों को मीशो से जोड़ा गया, जबकि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की ओर से पांच लाभार्थियों के लिए क्यूआर कोड तैयार किए गए। इसके अलावा दो लाभार्थियों को ऋण वितरण पत्र भी सौंपे गए।उद्घाटन सत्र में एमएसएमई-डीएफओ, नई दिल्ली के निदेशक/विभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. भारती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शारदा विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च डॉ. भुवनेश कुमार विशिष्ट अतिथि तथा श्रीवत्स, डीआईसी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत एमएसएमई-डीएफओ, ओखला के उप निदेशक डी.एस. तोमर के स्वागत संबोधन से हुई।तकनीकी सत्रों में लाभार्थियों को विपणन, ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल माध्यमों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर पारंपरिक कारीगर अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और कारोबार को मजबूत करने में सक्षम हो सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत उद्यमिता एवं स्वरोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार, इस पहल से पारंपरिक कारीगरों को सरकारी योजनाओं, औपचारिक वित्तीय सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।




