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अजनारा होम्स में बिजली संकट के लिए बिल्डर जिम्मेदार, आंतरिक फॉल्ट और लापरवाही पर एनपीसीएल सख्त । 4 जून, 2026 की घटना पर एनपीसीएल ने बिल्डर को भेजा नोटिस, 15 दिन में इंटरनल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने को कहा

अजनारा होम्स में बिजली संकट के लिए बिल्डर जिम्मेदार, आंतरिक फॉल्ट और लापरवाही पर एनपीसीएल सख्त

4 जून, 2026 की घटना पर एनपीसीएल ने बिल्डर को भेजा नोटिस, 15 दिन में इंटरनल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने को कहा

अजनारा होम्स में तकनीकी गड़बड़ी से कई और सोसायटियों की आपूर्ति भी प्रभावित, पहले भी सामने आई थी लापरवाही

लगातार नोटिस और ऑडिट रिपोर्ट भी बेअसर, बिल्डर की लापरवाही से निवासियों को हो रही परेशानी

ग्रेटर नोएडा। 4 जून, 2026 को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के अजनारा होम्स परिसर में बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना का मूल कारण बिल्डर प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैया रहा है। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड यह स्पष्ट करना चाहती है कि यह व्यवधान परिसर की आंतरिक विद्युत प्रणाली में लगातार उत्पन्न हो रहे फॉल्ट्स के परिणामस्वरूप हुआ।

ये पहली बार नहीं हुआ है जब अजनारा होम्स में इस तरह की समस्या उत्पन्न हुई है, एनपीसीएल की ओर से ऑडिट के बाद कई बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी बिल्डर प्रबंधन की ओर से वहां की आंतरिक विद्युत प्रणाली को दुरुस्त करने की कोई कोशिश नहीं की गई। आंधी और बारिश के बाद प्रारंभिक बाधा यूपीपीटीसीएल के 220kV ट्रांसमिशन नेटवर्क में आई खराबी के कारण हुई, जिसे शाम 4.25 मिनट पर बहाल कर दिया गया। ठीक एक मिनट बाद शाम 4 बजकर 26 मिनट पर एनपीसीएल ने वितरण आपूर्ति सामान्य कर दी थी और उस समय बाहरी ग्रिड पूरी तरह स्थिर औऱ चालू था। लेकिन इसके बावजूद अजनारा की आंतरिक 33kV प्रणाली से लगातार गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग हुई और इसका सीधा असर सेक्टर-16 और सेक्टर-16B की 33kV वितरण प्रणाली की स्थिरता पर पड़ा।

अजनारा होम्स की आंतरिक विद्युत खराबी के कारण एनपीसीएल के हजारों उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी। अजनारा होम्स के चलते राधास्काई गार्डन, फ्रेंच अपार्टमेंट सोसायटी के अलावा ग्लोबल ट्रांसफॉर्मर कंपनी और फर्स्ट टीडीएस शॉपिंग मॉल समेत सेक्टर 16 और सेक्टर 16 B में 6000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। हैरानी की बात ये थी कि एनपीसीएल टीम के स्पष्ट निर्देश के बाद भी सोसायटी परिसर में आतंरिक खराबी के बावजूद अजनारा होम्स की ओर से सिस्टम को बार-बार चालू किया गया जिससे बार-बार ट्रिपिंग हुई और पूरा नेटवर्क प्रभावित हुआ।

गुरुवार को अजनारा होम्स में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद एनपीसीएल और विशेषज्ञ वेंडर ने जांच में वहां की आंतरिक प्रणाणी में निम्नलिखित गंभीर समस्याएं पाईं।

• ESS-1 और ESS-3 को जोड़ने वाली 33kV अंडरग्राउंड केबल में खराबी

• आंतरिक सिस्टम में अस्थिरता के कारण बार-बार ट्रिपिंग

• ग्रिड बहाली के बाद उपभोक्ता पक्ष से उत्पन्न तकनीकी गड़बड़ियां

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आज एनपीसीएल ने अजनारा होम्स सोसायटी को नोटिस भेजकर अपने यहां जल्द से जल्द उन सभी आंतरिक खराबियों को दूर करने को कहा जिसके चलते वहां बार-बार बिजली आपूर्ति में समस्या आती है। अजनारा होम्स प्रबंधन को एनपीसीएल तत्काल निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं।

1. पूरी 33kV और LT प्रणाली का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण

2. ESS-1 और ESS-3 के बीच खराब 33kV केबल की तुरंत मरम्मत/बदलाव

3. स्विचगियर पैनलों में नमी और Partial Discharge की समस्या का समाधान

4. खराब उपकरणों को NPCL की अनुमति के बिना चालू करने पर रोक

5. 15 दिनों में सुधारात्मक कार्रवाई रिपोर्ट और मेंटेनेंस योजना जमा करना

6. पहले सुझाई गई 33kV रिंग व्यवस्था का क्रियान्वयन

7. DG बैकअप सिस्टम की उपलब्धता सुनिश्चित करना

8. योग्य और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की तैनाती

अजनारा होम्स में रहनेवाले निवासियों को ये पता होना चाहिए कि उनके यहां इस तरह की समस्या पहली बार नहीं हुई है। पिछले साल 8 मई 2025 को एनपीसीएल ने तकनीकी ऑडिट में अजनारा होम्स की आंतरिक बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर में गंभीर खामियां पाई थीं।

• 33kV स्विचगियर पैनलों में अत्यधिक नमी का प्रवेश

• लगभग 48 dB स्तर की लगातार Partial Discharge गतिविधि (इंसुलेशन खराबी का संकेत)

• ESS सिस्टम के बीच 33kV रिंग व्यवस्था बनाने की सिफारिश

इतना ही नहीं अजनारा होम्स में 10 अप्रैल 2025 को ट्रांसफॉर्मर ऑयल लीकेज और उपकरण खराबी की घटना भी सामने आई थी। लेकिन एनपीसीएल की ओर से मिली बार-बार चेतावनी के बाद भी बिल्डर प्रबंधन की ओऱ से अपने यहां मौजूद आतंरिक उपकरणों को दुरुस्त करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। एनपीसीएल इस खबर के माध्यम से सभी को अवगत कराना चाहती है कि 33kV वितरण प्रणाली सार्वजनिक बिजली आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। और इसके संचालन में तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। उपभोक्ता-स्वामित्व वाली उच्च वोल्टेज प्रणाली में लापरवाही या खराब संचालन का असर केवल एक परिसर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हजारों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

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