जीएनआईओटी में विद्यार्थियों को दी गई वित्तीय जागरूकता की सीख, भविष्य की आर्थिक योजना पर हुआ मंथन
जीएनआईओटी में विद्यार्थियों को दी गई वित्तीय जागरूकता की सीख, भविष्य की आर्थिक योजना पर हुआ मंथन
वित्तीय नियोजन, बचत और निवेश के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी, 50 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया हिस्सा

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी इंजीनियरिंग संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और माइंडक्लब फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बचत, निवेश, वित्तीय नियोजन और जिम्मेदारी के साथ आर्थिक निर्णय लेने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।कार्यक्रम में सेबी की स्मार्ट प्रशिक्षक कनिका मक्कर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को वित्तीय नियोजन के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए बचत की आदत, निवेश की समझ, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालीन योजना बेहद महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आर्थिक निर्णय लेने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
सतत विकास लक्ष्य-8 से जुड़ी पहलयह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-8 के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बेहतर रोजगार, समावेशी आर्थिक विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विभाग का मानना है कि एक सफल अभियंता बनने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ वित्तीय समझ, संवाद कौशल, नैतिक मूल्यों, उद्यमशीलता और सही निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से विभाग की ओर से विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ उनके व्यक्तित्व विकास, रोजगार की तैयारी, वित्तीय जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
प्रबंधन के सहयोग के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के आयोजन पर संस्थान प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) धीरज गुप्ता के मार्गदर्शन और सहयोग की भी सराहना की गई। कार्यक्रम का समन्वय सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मोहित गुप्ता ने किया।डॉ. मोहित गुप्ता ने कहा कि एक सक्षम अभियंता का निर्माण केवल तकनीकी ज्ञान से नहीं होता, बल्कि उसमें जिम्मेदार नागरिकता, वित्तीय समझ, नैतिक मूल्यों, उद्यमशीलता और सही निर्णय लेने की क्षमता का होना भी जरूरी है। विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थी तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ आर्थिक और सामाजिक रूप से भी जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभाग सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, रोजगार क्षमता, उद्यमिता और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।




