नन्हे हाथों ने बांधी सेवा और समर्पण की राखी: SPES अस्पताल के डॉक्टरों को बच्चों ने कहा धन्यवाद
नन्हे हाथों ने बांधी सेवा और समर्पण की राखी: SPES अस्पताल के डॉक्टरों को बच्चों ने कहा धन्यवाद

ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर द जॉली किड्स प्री स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक भावुक और प्रेरणादायक पहल करते हुए समाज के सच्चे रक्षकों—डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों—की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया।
इस विशेष अवसर पर बच्चे SPES अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. शिवेंद्र सिंह कसाना एवं उनकी पूरी टीम को राखी बांधी और फूल भेंट कर उनका हृदय से धन्यवाद किया। बच्चों की इस मासूम और प्यार भरी पहल ने अस्पताल के पूरे वातावरण को खुशियों और अपनत्व से भर दिया।
बच्चों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए उनके द्वारा दिन-रात लोगों की सेवा, देखभाल और सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को सम्मान दिया। नन्हे हाथों से बांधी गई राखियों ने यह संदेश दिया कि हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी वास्तव में समाज के उन फ्रंटलाइन हीरोज में शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, विश्वास, जिम्मेदारी और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का भी प्रतीक है। इसी संदेश को बच्चों तक पहुंचाने और उनमें समाज के प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्री स्कूल प्रबंधन ने कहा कि बच्चों को केवल किताबों की शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बचपन से ही उन लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव सिखाना भी जरूरी है, जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं।
द जॉली किड्स प्री स्कूल ने डॉ. शिवेंद्र सिंह कसाना एवं SPES अस्पताल की पूरी टीम का बच्चों को समय देने और इस सुंदर पहल का हिस्सा बनने के लिए विशेष धन्यवाद किया।
नन्हे बच्चों द्वारा बांधी गई ये राखियां केवल एक धागा नहीं थीं, बल्कि उनमें प्यार, सम्मान, विश्वास और धन्यवाद की अनमोल भावनाएं पिरोई हुई थीं। इस पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को और भी अधिक सार्थक बनाते हुए एक सुंदर संदेश दिया—
“जो हमारी सेवा और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, उनका सम्मान करना और उन्हें धन्यवाद कहना भी हमारी जिम्मेदारी है।”




