स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल में ‘आगमन’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन, सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने किया नए पीजीडीएम बैच का स्वागत
स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल में ‘आगमन’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन, सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने किया नए पीजीडीएम बैच का स्वागत

ग्रेटर नोएडा। स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल , ग्रेटर नोएडा में पीजीडीएम बैच 2026–28 के स्वागत के लिए तीसरे ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘आगमन’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शैक्षणिक, व्यावसायिक और नेतृत्व की नई यात्रा के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा रहे। उनके साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सुनीता सिंह, ग्रांट थॉर्नटन भारत के ऑफिस मैनेजिंग पार्टनर राहुल कपूर तथा स्पर्श यूनिवर्स के चेयरपर्सन शिशिर अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस दौरान संस्थान के संकाय सदस्य, अभिभावक और नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।अपने संबोधन में डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सफलता का आधार अनुशासन, ईमानदारी, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और आत्मविश्वास है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्षता विकसित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए।प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सुनीता सिंह ने विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और नैतिक नेतृत्व का महत्व समझाया। उन्होंने एआई के दौर में लाइफ स्किल्स, अनुशासित जीवनशैली और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी।ग्रांट थॉर्नटन भारत के ऑफिस मैनेजिंग पार्टनर राहुल कपूर ने बदलते कॉर्पोरेट माहौल और कंसल्टिंग सेक्टर में उभरते अवसरों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से नई तकनीकों को अपनाने और निरंतर कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की।स्पर्श यूनिवर्स के चेयरपर्सन शिशिर अग्रवाल ने विद्यार्थियों को जिज्ञासु, अनुकूलनशील और दृढ़ रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सही निर्णय, निरंतर प्रयास और सीखते रहने की आदत ही स्थायी सफलता का आधार है।स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल के सीईओ (एजुकेशन) डॉ. अमित सक्सेना ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रबंधन की डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो उद्योग, समाज और राष्ट्र के लिए मूल्य सृजित करें। उन्होंने बताया कि संस्थान उद्योग सहभागिता, अनुभवात्मक शिक्षण, नवाचार और वैश्विक एक्सपोजर के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक पाठ्यक्रम, कॉर्पोरेट मेंटरशिप, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध अवसरों, छात्र क्लबों, नेतृत्व विकास कार्यक्रमों और करियर उन्नयन से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें संकाय सदस्यों, उद्योग विशेषज्ञों और वरिष्ठ नेतृत्व से संवाद का अवसर भी मिला।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान ने ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षण वातावरण विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ‘आगमन’ कार्यक्रम नए पीजीडीएम बैच 2026–28 के लिए एक प्रेरणादायक शुरुआत साबित हुआ।




