आईईए ने यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मुलाकात कर उधोगो से संबंधित समस्याओं से कराया अवगत
आईईए ने यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मुलाकात कर उधोगो से संबंधित समस्याओं से कराया अवगत

ग्रेटर नोएडा। आईईए ने यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मुलाकात की तथा उधोगो से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया। आईईए से अध्यक्ष संजीव शर्मा, पी एस मुखर्जी, प्रमोद झा, हरबीर सिंह, महिपाल सिंह, अनूप सिंह, हरीश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।इस मौके पर संजीव शर्मा ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में यूपीसीडा उद्योग हितैषी प्रशासन, बेहतर आधारभूत संरचना तथा पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं के माध्यम से औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। इसी विश्वास के साथ मैं सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण विषय आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ, जिनका प्रत्यक्ष प्रभाव यहां कार्यरत हजारों उद्योगों एवं कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
पिछले लगभग तीन महीनों से औद्योगिक क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई तथा सड़कों के किनारे झाड़ू एवं सफाई कार्य नहीं किया गया है।क्षेत्र की अनेक स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं अथवा पर्याप्त प्रकाश नहीं दे रही हैं।साइट-B औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु खार ड्रेन पर पुल का निर्माण लंबे समय से उद्योगों की प्रमुख मांग रही है।औद्योगिक क्षेत्र के अधिकांश पार्कों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। हरित क्षेत्र के संरक्षण एवं क्षेत्र की समग्र छवि को बेहतर बनाने के लिए पार्कों के नियमित रखरखाव, वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण कीआवश्यकता है।औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध नहीं हैं। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर डस्टबिन स्थापित किए जाने चाहिए।किराया अनुमति (Rent Permission) का विकेंद्रीकरण
उद्योगों को किराया अनुमति प्राप्त करने में अनावश्यक समय एवं प्रशासनिक विलंब का सामना करना पड़ता है।विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों के मामलों में यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग द्वारा कोई आपत्ति नहीं दी जाती है, तो आवेदन को स्वतः स्वीकृत (Deemed Approved) माना जाना चाहिए।मेंटेनेंस चार्ज जमा करने की प्रक्रिया का सरलीकरण
मेंटेनेंस चार्ज जमा करने के लिए विभागीय सत्यापन की अनिवार्यता उद्योगों के लिए अतिरिक्त बाधा उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए उद्योगों को बिना पूर्व सत्यापन के शुल्क जमा करने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।कंपनी के नाम या ओनरशिप में बदलाव की स्थिति में क्षेत्रीय कार्यालय से ही कार्य हो जाने चाहिए जिससे उधमियों के कार्य जल्दी हो सके।
हम आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा करते हैं तथा विश्वास दिलाते हैं कि इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन, सूरजपुर औद्योगिक विकास एवं जनहित के प्रत्येक प्रयास में यूपीसीडा के साथ पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।




