औद्योगिक भूखंड आवंटन में ई-नीलामी नीति के विरोध एव लंबे समय से किराए पर चल रहे उधोगो को भूखंड आवंटन में वरीयता देने की आईईए ने की माँग
औद्योगिक भूखंड आवंटन में ई-नीलामी नीति के विरोध एव लंबे समय से किराए पर चल रहे उधोगो को भूखंड आवंटन में वरीयता देने की आईईए ने की माँग

ग्रेटर नोएडा।आईईए द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश सरकार की औद्योगिक भूखंड आवंटन योजना में लागू ई-नीलामी (ई -ऑक्शन ) नीति का कड़ा विरोध किया गया।आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि ई-नीलामी प्रणाली के कारण वास्तविक एवं लघु उद्योग संचालकों को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से छोटे और मध्यम उद्यमी औद्योगिक भूखंड प्राप्त करने में असमर्थ हो रहे हैं, जिससे औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है। नीलामी प्रक्रिया की वजह से निवेशक उच्च बोली लगाकर भूखंड खरीद लेते है और बाद में महंगे दामो पर बेचते है या किराए पर दे देते है। आज के समय मे इतने महंगे दामो पर भूखंड खरीद कर उद्योग लगाना एक सपने जैसा होता जा रहा है। बैंक बिना कोलेट्रल के छोटे उधमियों को लोन नही देते जिससे छोटे उधामी उधोग लगाने के बाद भी उधोग नही चला पाते। अपनी फैक्ट्री होने से विपरीत परिस्थितियों में भी उधमी किराए का बोझ न होने के कारण उबर जाता है लेकिन आज की स्थिति में किराए का बोझ उधमी को उधोग बंद करने पर विवश कर देता है।आईईए ने स्पष्ट रूप से मांग की कि 2000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ड्रॉ (लॉटरी) प्रणाली के माध्यम से किया जाए, ताकि सभी पात्र उद्योगों को समान अवसर मिल सके। साथ ही, लंबे समय से किराए पर उद्योग संचालित कर रहे उद्यमियों को भूखंड आवंटन में प्राथमिकता दी जाए।संस्था ने यह भी कहा कि ई-नीलामी व्यवस्था को हटाने की मांग आईईए इस व्यवस्था के लागू होने के समय से ही लगभग 5 वर्षो से हर स्तर पर उठाती रही है, किंतु अब तक इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।सरकार की इस नीति के विरोध में आईईए से जुड़े उद्योगों ने आगामी होली पर्व नहीं मनाने का सामूहिक निर्णय लिया है। यह निर्णय सरकार तक अपनी आवाज मजबूती से पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। आईईए प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें ई-नीलामी नीति को समाप्त कर ड्रॉ प्रणाली लागू करने तथा किराए पर संचालित उद्योगों को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई जाएगी। आईईए ने प्रदेश सरकार से औद्योगिक हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है, ताकि प्रदेश में उद्योगों का विकास सुचारु रूप से जारी रह सके। यदि सरकार इस समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर सकारात्मक समाधान नही करती है तो उधमी आईईए के बैनर तले लंबी लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे। प्रेस वार्ता में संस्था के अध्यक्ष संजीव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पी के तिवारी, उपाध्यक्ष एच् एन शुक्ला, उपाध्यक्ष गुरदीप सिंह तुली, उपाध्यक्ष पी एस मुखर्जी, विवेक चौहान, एम पी शुक्ला, सूर्यकांत तोमर उपस्थित रहे।




