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द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई

द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई

दनकौर।द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर (गौतम बुद्ध नगर) में सचिव रजनीकांत अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के निर्देशन में हिंदी विभाग द्वारा कथा सम्राट एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती साहित्यिक गरिमा, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स, उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. देवानंद सिंह, हिंदी प्राध्यापिका डॉ. कोकिल तथा अन्य शिक्षकों ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज का यथार्थ दस्तावेज है। उनकी रचनाएँ सामाजिक समानता, नैतिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा देती हैं तथा आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. देवानंद सिंह ने मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कहानियाँ और उपन्यास भारतीय समाज के शोषित, वंचित तथा ग्रामीण जीवन का सशक्त चित्रण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से दहेज प्रथा, बाल विवाह, अनमेल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध कर समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य का गंभीर अध्ययन करने का आह्वान किया।हिंदी प्राध्यापिका डॉ. कोकिल ने भी प्रेमचंद के साहित्य की सामाजिक उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का सफल संचालन विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष अमित नागर ने किया।इस अवसर पर वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति रानी सैन, बीबीए/बीसीए विभागाध्यक्ष शशी नागर, शिक्षक-शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि जहाँ सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकों एवं शिक्षकों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. राजीव पांडेय, डॉ. प्रशांत कन्नौजिया, डॉ. अजमत आरा, डॉ. सूर्य प्रताप राघव, डॉ. निशा शर्मा, डॉ. नाज परवीन, डॉ. रेशा, महीपाल सिंह, चारू सिंह, काजल कपासिया, अखिल कुमार, प्रिंस त्यागी, हनी शर्मा, रूचि शर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह ने विद्यार्थियों को मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, विचारों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

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