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गलगोटिया विश्वविद्यालय की पहल, डाढ़ा सीएचसी में मिलेंगी आधुनिक रिहैबिलिटेशन सुविधाएं  

गलगोटिया विश्वविद्यालय की पहल, डाढ़ा सीएचसी में मिलेंगी आधुनिक रिहैबिलिटेशन सुविधाएं

ग्रेटर नोएडा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए डाढ़ा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में आधुनिक रिहैबिलिटेशन एवं फिजियोथेरेपी सुविधाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया है। यह पहल गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और डाढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहयोग से संचालित की जाएगी।

इस पहल के तहत स्वास्थ्य केंद्र की फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन यूनिट को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और संचालन सहयोग से सशक्त बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के मरीजों को अपने घर के नजदीक बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।

विश्वविद्यालय की ओर से केंद्र को सर्वाइकल ट्रैक्शन सिस्टम, गेट ट्रेनिंग उपकरण, चिकित्सीय व्यायाम प्रणाली, शॉर्टवेव डायाथर्मी, टेन्स एवं आईएफटी सिस्टम, वॉकर, शोल्डर व्हील और पुली सहित कई आधुनिक फिजियोथेरेपी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा यूनिट के संचालन के लिए प्रशिक्षित फिजियोथेरेपी सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी दी जाएंगी।इस सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता, प्रिवेंटिव हेल्थ सेवाएं, मरीज सहायता और गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को रिहैबिलिटेशन और फिजियोथेरेपी सेवाएं उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज और फॉलोअप के लिए दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर कम लगाने पड़ें।

डॉ . ध्रुव गलगोटिया , सीईओ, गलगोटिया विश्वविद्यालय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच आज भी समाज की बड़ी चुनौतियों में से एक है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां रिहैबिलिटेशन और प्रिवेंटिव हेल्थ सुविधाएं सीमित हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक तंत्र को मजबूत करने में भी उनकी अहम जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि डाढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए विश्वविद्यालय का यह सहयोग जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।गलगोटिया विश्वविद्यालय की यह पहल स्वास्थ्य, शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनकेंद्रित विकास को बढ़ावा देने की उसकी सतत प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है

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