GautambudhnagarGreater noida news

श्री धार्मिक रामलीला का भव्य मंचन शुरू, शिव-पार्वती विवाह की लीला ने मोहा मन| 20 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला एवं दशहरा महोत्सव, प्रतिदिन शाम 7 बजे होगा मंचन

श्री धार्मिक रामलीला का भव्य मंचन शुरू, शिव-पार्वती विवाह की लीला ने मोहा मन

20 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला एवं दशहरा महोत्सव, प्रतिदिन शाम 7 बजे होगा मंचन

ग्रेटर नोएडा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026 का शुभारंभ 11 अक्टूबर को विधि-विधान से गणेश पूजन और शिव-पार्वती विवाह की दिव्य लीला के साथ हुआ। 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन शाम 7 बजे रामलीला का मंचन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिल्डर्स (बीओपी) के चेयरमैन रामप्रकाश मावी रहे।

परम पूज्य गोस्वामी सुशील महाराज के दिशा-निर्देशन तथा युवा अध्यक्ष आनंद भाटी के मार्गदर्शन में रामलीला का मंचन भव्य रूप से प्रारंभ हुआ। पहले दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की मनोहारी लीला का मंचन किया गया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। पूरा परिसर भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारों से गूंज उठा।संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि भगवान श्रीराम की लीला में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा का विशेष महत्व है। माता पार्वती के प्रश्न करने पर ही भगवान शिव ने उन्हें श्रीराम कथा सुनाई थी। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए रामलीला के प्रथम दिन शिव-पार्वती विवाह की लीला का मंचन किया गया।मंचन के दौरान दिखाया गया कि जब पूरे ब्रह्मांड में असुरों का अत्याचार बढ़ गया और देवताओं सहित धरती के प्राणियों का जीवन संकट में पड़ गया, तब देवताओं ने भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु की सहायता से भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की योजना बनाई। त्रिपुरासुर के अंत के लिए भगवान शिव के पुत्र का जन्म आवश्यक था। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की अद्भुत लीला का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया और श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अपनी आस्था प्रकट की।

रामलीला में प्रतिदिन होगा विशेष प्रसंगों का मंचन

रामलीला कमेटी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर को नारद मोह, रावण दरबार और देवासुर संग्राम की लीला होगी। 13 अक्टूबर को राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास का मंचन किया जाएगा। 14 अक्टूबर को ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात, जबकि 15 अक्टूबर को कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।16 अक्टूबर को ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध की लीला होगी। 17 अक्टूबर को राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा, बाली वध और अशोक वाटिका के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। 18 अक्टूबर को लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद होगा। 19 अक्टूबर को लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध के प्रसंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।

कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का दशहरा महोत्सव और रामलीला मंचन क्षेत्रवासियों के लिए आनंददायक एवं यादगार आयोजन साबित होगा। इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा, आदर्शों और संस्कारों से जोड़ना है।इस अवसर पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील महाराज, राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, धीरज शर्मा, बालकिशन सफीपुर, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, अध्यक्ष आनंद भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा बदौली, उमेश गौतम, सत्यवीर मुखिया, रोशनी सिंह, महेश कमांडो, चैन पाल प्रधान, जितेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, मनीष डाबर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, उपाध्यक्ष फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, श्याम सुंदर फौजी, यशपाल नागर, सचिव ज्योति सिंह, गीता सागर, राकेश भाटी, भगवत भाटी, तेज कुमार भाटी, सुंदर भाटी, पवन भाटी, वीरपाल मावी और जय शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button