गुरु पूर्णिमा पर आर्या फैशन्स पहुँचे हस्तशिल्प निर्यात जगत के ‘आयरनमैन’ डॉ. राकेश कुमार, महिला कारीगरों का बढ़ाया उत्साह
गुरु पूर्णिमा पर आर्या फैशन्स पहुँचे हस्तशिल्प निर्यात जगत के ‘आयरनमैन’ डॉ. राकेश कुमार, महिला कारीगरों का बढ़ाया उत्साह

ग्रेटर नोएडा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित आर्या फैशन्स के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा। हस्तशिल्प निर्यात जगत के “आयरनमैन” के रूप में प्रसिद्ध डॉ. राकेश कुमार, महानिदेशक एवं मुख्य संरक्षक, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) तथा इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष ने आर्या फैशन्स की निर्यात इकाई का दौरा किया।डॉ. राकेश कुमार ने फैक्ट्री का निरीक्षण करते हुए सभी शिल्पकारों, कारीगरों और महिला कारीगरों से संवाद किया तथा उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने आर्या फैशन्स की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता मानकों, नियमों के अनुपालन, सुव्यवस्थित कार्य वातावरण और महिलाओं के कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक पहचान देश के कारीगरों के हुनर और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “आपके हाथों की कला ही भारतीय हस्तशिल्प को दुनिया भर में सम्मान दिला रही है और आर्या फैशन्स जैसी निर्यात इकाइयाँ इसी हुनर को गुणवत्ता के साथ वैश्विक बाजार तक पहुँचा रही हैं।”महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि आर्या फैशन्स की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. खुशबू सिंह प्रथम पीढ़ी की सफल महिला उद्यमी हैं, जिन्होंने अपने जुनून, मेहनत और समर्पण के बल पर एक सफल निर्यात इकाई स्थापित की है। उन्होंने कहा कि हर महिला अपने दृढ़ संकल्प और परिश्रम से सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकती है।इस अवसर पर आर्या फैशन्स की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर डॉ. राकेश कुमार का संस्थान में आगमन पूरे आर्या फैशन्स परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. राकेश कुमार द्वारा महिला कारीगरों, हस्तशिल्प कलाकारों और कौशल विकास के प्रयासों की सराहना से पूरी टीम को नई ऊर्जा और उत्साह मिला है।कार्यक्रम के अंत में आर्या फैशन्स परिवार ने डॉ. राकेश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय हस्तशिल्प और निर्यात क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के अपने संकल्प को दोहराया।




