ग्रेटर नोएडा में पेयजल समस्याओं के समाधान की पहल, फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने जीएनआईडीए सीईओ से की मुलाकात
ग्रेटर नोएडा में पेयजल समस्याओं के समाधान की पहल, फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने जीएनआईडीए सीईओ से की मुलाकात

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में पेयजल से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए, ग्रेटर नोएडा के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि कुमार से मुलाकात की। बैठक में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कम पानी का दबाव, गंदे पानी की आपूर्ति, भूमिगत जलाशय (यूजीआर) की समस्याएं, खराब मोटर-पंप, नई मोटर लगाने तथा पुरानी और जर्जर जलापूर्ति लाइनों को बदलने की मांग रखी। पदाधिकारियों ने बताया कि कई सेक्टरों में पुरानी जलापूर्ति लाइनें होने के कारण आए दिन पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं कई क्षेत्रों में कम दबाव और गंदे पानी की समस्या से भी निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फेडरेशन अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर ने कहा कि पेयजल शहरवासियों की मूलभूत आवश्यकता है। इसलिए समस्याओं का अस्थायी समाधान करने के बजाय जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करते हुए स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुरानी जलापूर्ति लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने, खराब यूजीआर मोटरों की मरम्मत या उन्हें बदलने, जरूरत वाले स्थानों पर नई मोटर-पंप लगाने तथा गंदे पानी और कम दबाव की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण के निर्देशों के बाद विभिन्न सेक्टरों में पेयजल व्यवस्था में जल्द सुधार होगा और शहरवासियों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
बैठक में कैप्टन वीरेंद्र सिंह, महासचिव ऋषिपाल भाटी, कोषाध्यक्ष भुवनेश गर्ग, सेक्टर पी-3 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमित भाटी, डेल्टा-2 अध्यक्ष बॉबी भाटी, सेक्टर-36 अध्यक्ष डॉ. अजय भाटी, सेक्टर-37 अध्यक्ष जय सिंह भाटी सहित विभिन्न आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी मौजूद रहे।
फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए, ग्रेटर नोएडा ने कहा कि शहरवासियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण और संबंधित विभागों के साथ समन्वय आगे भी जारी रहेगा।




