फेलिक्स हॉस्पिटल श्रम विभाग के साथ मिलकर चलाएगा ‘श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान’
फेलिक्स हॉस्पिटल श्रम विभाग के साथ मिलकर चलाएगा ‘श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान’
औद्योगिक श्रमिकों को मिलेंगी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, जागरूकता
कार्यस्थल पर चिकित्सा सुविधाएं, एक लाख श्रमिकों तक पहुंचने का लक्ष्य

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक श्रमिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्रम विभाग और फेलिक्स हॉस्पिटल्स के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी (एमओयू) हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से ‘श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान’ संचालित करेंगी। अभियान का उद्देश्य औद्योगिक श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, व्यावसायिक स्वास्थ्य (ऑक्यूपेशनल हेल्थ) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कार्यस्थलों पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
फेलिक्स हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर देश के सबसे बड़े औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षेत्रों में शामिल है। जहां करीब 10 से 12 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष श्रमिक कार्यरत हैं। श्रमिकों का स्वास्थ्य उद्योगों की उत्पादकता और प्रदेश की आर्थिक प्रगति से सीधे जुड़ा है। ऐसे में समय रहते बीमारियों की पहचान और रोकथाम बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से श्रम विभाग के सहयोग से यह अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में औद्योगिक श्रमिक उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कमर और जोड़ों के दर्द, श्वसन संबंधी बीमारियों, एनीमिया, तंबाकू सेवन और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अधिकांश मामलों में शुरुआती चरण में बीमारी का पता नहीं चल पाता, जिससे बाद में उपचार कठिन और महंगा हो जाता है। अभियान के जरिए इन बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। इनमें रक्तचाप, ब्लड शुगर, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), ईसीजी, नेत्र एवं दंत परीक्षण, महिलाओं में एनीमिया और स्वास्थ्य जांच के साथ व्यावसायिक स्वास्थ्य आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक श्रमिकों को परामर्श देंगे और आवश्यकता होने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। इसके साथ ही उद्योगों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें हृदय रोग और मधुमेह की रोकथाम, कार्यस्थल पर सुरक्षा, एर्गोनॉमिक्स, पोषण, स्वच्छता, तंबाकू एवं नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य, हीट स्ट्रेस, प्रदूषण से बचाव और सीपीआर व बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान के तहत औद्योगिक इकाइयों में मेडिकल रूम स्थापित करने, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती, नियमित चिकित्सकीय विजिट और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने की भी योजना है।
योजना के अनुसार अगले 12 महीनों में एक लाख से अधिक श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचने, एक हजार से अधिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करने और सभी लाभार्थियों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उच्च जोखिम वाले श्रमिकों की नियमित फॉलो-अप और उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस अभियान में श्रम विभाग औद्योगिक इकाइयों से समन्वय स्थापित करने के साथ साथ प्रशासनिक सहयोग देगा और विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के साथ अभियान को जोड़ेगा। वहीं फेलिक्स हॉस्पिटल विशेषज्ञ चिकित्सक, मोबाइल हेल्थ यूनिट, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल टीम, आधुनिक स्वास्थ्य जांच उपकरण और सीएसआर के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर उपलब्ध कराएगा। अस्पताल अभियान से जुड़े स्वास्थ्य आंकड़ों का डिजिटल विश्लेषण कर समय-समय पर रिपोर्ट भी तैयार करेगा। अभियान के दौरान पात्र श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, निर्माण श्रमिक पंजीकरण, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और पंजीकरण में भी सहयोग दिया जाएगा। यह पहल न केवल श्रमिकों के स्वास्थ्य में सुधार लाएगी बल्कि उद्योगों में बीमारी के कारण होने वाली अनुपस्थिति कम करेगी, उत्पादकता बढ़ाएगी और गौतमबुद्ध नगर को औद्योगिक निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मॉडल जिले के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




