मौसमी बदलाव और बारिश के कारण वायरल इन्फेक्शन में बढ़ोतरी, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित
मौसमी बदलाव और बारिश के कारण वायरल इन्फेक्शन में बढ़ोतरी, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित
प्रतिदिन ३० से ४० मरीज वायरल इन्फेक्शन की शिकायत ले कर आते हैं

नोएडा, जुलाई 2026: लगातार हो रही बारिश और मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण वायरल इन्फेक्शन के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉ. प्रखर गर्ग, एसोसिएट डायरेक्टर – इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-110, नोएडा ने कहा, “बारिश और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल इन्फेक्शन के मामलों में लगभग 20-30 % की वृद्धि हुई है। वर्तमान में हमारे पास प्रतिदिन 30 से 40 मरीज वायरल संक्रमण के लक्षणों जैसे बुखार, सर्दी, खांसी, गले में दर्द और शरीर में कमजोरी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इस मौसम में इन्फेक्शन से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, बारिश में भीगने से बचना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यकतानुसार मास्क का उपयोग करना चाहिए। यदि बुखार दो से तीन दिनों से अधिक बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो या कमजोरी बढ़ती जाए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि अधिकांश वायरल संक्रमण अपने आप ठीक हो जाते हैं और उनमें एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं होती।”
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में थोड़ी-सी सावधानी, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से वायरल संक्रमण के जोखिम और उससे होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।




