GautambudhnagarGreater noida news

विकसित भारत की ओर बड़ा कदम स्वदेशी एआई ऐप अरिस्टा साइबर कॉप बनेगा दुनिया का साइबर सुरक्षा कवच । ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड बाय इंडियंस’, भविष्य में कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर युवाओं को देगी रोजगार 

विकसित भारत की ओर बड़ा कदम स्वदेशी एआई ऐप अरिस्टा साइबर कॉप बनेगा दुनिया का साइबर सुरक्षा कवच

‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड बाय इंडियंस’ , भविष्य में कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर युवाओं को देगी रोजगार 

कंपनी का नाम आद्यांत भारतीय

नोएडा। डिजिटल युग में लगातार बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बीच भारत ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आद्यंत लैब्स द्वारा विकसित दुनिया की पहली एआई -संचालित साइबर सुरक्षा प्रणाली अरिस्टा साइबर कॉप का नोएडा में भव्य शुभारंभ किया गया। यह स्वदेशी ऐप न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को साइबर खतरों से सुरक्षा प्रदान करने का दावा करता है।नोएडा सेक्टर-55, होटल रेडिसन स्थित NIHAO हॉल में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लोगों की मौजूदगी में अरिस्टा साइबर कॉप की उन्नत क्षमताओं का लाइव प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि यह प्रणाली पारंपरिक साइबर सुरक्षा टूल्स से अलग प्रिडिक्टिव(पूर्वानुमानात्मक), प्रोएक्टिव(सक्रिय) और प्रिवेंटिव(निवारक) तीन-स्तरीय सुरक्षा मॉडल पर आधारित है, जिसे Inference AI संचालित करता है।इस अवसर पर कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवार ने बताया कि जो विश्व के प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र (एल्यूमनी ) हैं, ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भारत लौटने के बाद उनके मन में यह संकल्प आया कि अब देश में रहकर ही तकनीक के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा।डॉ. कुणाल सिंह बेरवार ने कहा विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे। दुनिया के विकसित देशों को उनकी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने आगे बढ़ाया है। भारत को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए तकनीक में सशक्त होना होगा।उन्होंने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा आज पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए उनकी टीम पिछले तीन वर्षों से लगातार इस विषय पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरिस्टा साइबर कॉप पूरी तरह से भारतीय उत्पाद है। मेड इन इंडिया’ और ‘मेड बाय इंडियंस’।भविष्य में कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार देने की दिशा में भी कार्य करेगी।डॉ. कुणाल सिंह बेरवार ने यह भी बताया कि प्रोडक्ट का नाम ‘Aarista’ संस्कृत के शब्द ‘अरिष्टम्’ से लिया गया है,जिसका अर्थ होता है। संकटों से रक्षा करने वाला या सुरक्षा प्रदान करने वाला। वहीं कंपनी का नाम आद्यांत भारतीय पौराणिक ग्रंथों से प्रेरित है, जिसका अर्थ आदि और अंत होता है। यह नामकरण भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम को दर्शाता है।अरिस्टा साइबर कॉप की प्रमुख विशेषताओं में 24×7 रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, एआई -संचालित वायरस, मालवेयर, रैनसमवेयर और स्पायवेयर से सुरक्षा शामिल है। यह दुनिया की पहली ऐसी प्रणाली है जो वॉयस कॉल फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और एआई -जनित डीपफेक वॉयस कॉल्स की पहचान कर सकती है। साथ ही इसका रीयल-टाइम वित्तीय दस्तावेज़ सत्यापन तंत्र बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस और अनुबंधों में होने वाली जालसाजी को तुरंत पकड़ने में सक्षम है।विशेषज्ञों का मानना है कि अरिस्टा साइबर कॉप जैसे स्वदेशी एआई समाधान भारत को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि अरिस्टा केवल एक ऐप नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Related Articles

Back to top button