विश्व स्तनपान सप्ताह 2026: जीआईएमएस में माताओं को सहयोग और स्तनपान के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
विश्व स्तनपान सप्ताह 2026: जीआईएमएस में माताओं को सहयोग और स्तनपान के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा के शिशु रोग विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान के महत्व तथा इसे सफल बनाने में परिवार की भूमिका के प्रति लोगों को जागरूक करना था।इस अवसर पर जीआईएमएस के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, इंटर्न और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रस्तुत एक प्रभावशाली रोल प्ले रहा, जिसमें एक नई मां की यात्रा को दर्शाते हुए यह संदेश दिया गया कि पिता, दादा-दादी, परिवार के अन्य सदस्य और देखभाल करने वाले लोगों का सहयोग स्तनपान की शुरुआत, उसे निरंतर जारी रखने और मां का आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि स्तनपान एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए माताओं को परिवार और समाज से सहयोगपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियों से उबरने में परिवार का सहयोग मां के लिए सबसे बड़ी ताकत बनता है।कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने स्तनपान से शिशु और मां दोनों को होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर वैज्ञानिक जानकारी साझा की। साथ ही इंटरैक्टिव काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से साक्ष्य-आधारित स्तनपान संबंधी व्यवहारों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने, जीवन के पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक उपयुक्त पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने स्तनपान परामर्श सेवाओं को और सशक्त बनाने तथा परिवारों और समुदाय को ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया, जिससे प्रत्येक मां आत्मविश्वास के साथ अपने शिशु को स्तनपान करा सके।




