नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बायोराइज-2026 का समापन, 800 प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बायोराइज-2026 का समापन, 800 प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
250 से अधिक शोधकर्ताओं ने प्रस्तुत किए शोधपत्र, जैव प्रौद्योगिकी से लेकर स्वास्थ्य और पर्यावरण तक 12 विषयों पर हुआ मंथन

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइंसेज की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘बायोविशन 2047: बायोराइज-2026’ का समापन हो गया। 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में 800 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 250 से अधिक शोधकर्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए। सम्मेलन को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग का सहयोग प्राप्त हुआ।
सम्मेलन में जैव प्रौद्योगिकी, औषधि अनुसंधान, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल फॉरेंसिक्स सहित 12 विषयगत क्षेत्रों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। कार्यक्रम में 46 मुख्य वक्ताओं और सत्र अध्यक्षों ने भाग लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
उद्घाटन सत्र में पद्मश्री प्रो. अशोक कुमार सिंह और भारत में बुर्किना फासो के राजदूत डॉ. डिज़िरे बोनिफेस सोमé मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान बायोराइज इंडस्ट्री एंड साइंटिफिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 के तहत 14 संगठनों से जुड़े पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. देवेश कुमार सिंह, चांसलर डॉ. विक्रम सिंह, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. उमा भारद्वाज और स्कूल ऑफ साइंसेज की डीन एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. डॉ. दीपशिखा पांडे कटारे के नेतृत्व में हुआ। समापन सत्र में प्रो. डॉ. आशा श्रीवास्तव भी शामिल हुईं।
प्रो. डॉ. दीपशिखा पांडे कटारे ने बताया कि सम्मेलन में प्रस्तुत शोध कार्यवाही चार अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में बिना किसी आर्टिकल प्रोसेसिंग शुल्क के प्रकाशित की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों तथा उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना रहा।




