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ग्रेटर नोएडा में आईएचजीएफ दिल्ली मेले के दूसरे दिन उमड़े विदेशी खरीदार, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ी मांग

ग्रेटर नोएडा में आईएचजीएफ दिल्ली मेले के दूसरे दिन उमड़े विदेशी खरीदार, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ी मांग

एआई और वैश्विक बाजार के रुझानों पर हुए सेमिनार

निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। 13 से 17 अक्टूबर तक चल रहे इस मेले में यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित विभिन्न देशों के खरीदार भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, फैशन, फर्नीचर और लाइफस्टाइल उत्पादों में रुचि दिखा रहे हैं। प्रदर्शकों के स्टॉल पर खरीदारों की आवाजाही के साथ नए उत्पादों की तलाश और व्यापारिक सौदों को अंतिम रूप देने की गतिविधियां भी जारी रहीं।

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि मेले में विदेशी खरीदारों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से यूरोप से आए खरीदारों ने भारतीय उत्पादों और नए संग्रहों में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि हैंडलूम, हस्तशिल्प और घरेलू सजावट से जुड़े उत्पादों की विशेष प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प उद्योग ने डिजाइन, उत्पादन, विपणन और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और व्यावसायिक कार्यशैली में सुधार के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

मेले में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने भी विभिन्न प्रदर्शनी हॉल का दौरा किया और निर्यातकों से बातचीत की। वहीं, ईपीसीएच और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य खरीदारों और निर्यातकों के बीच संपर्क बढ़ाना, व्यापारिक बैठकों को प्रोत्साहित करना, बाजार संबंधी जानकारी साझा करना और भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के लिए नए व्यावसायिक अवसर विकसित करना है।

दूसरे दिन आयोजित सेमिनारों में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027’ विषय पर हुई चर्चा में घरेलू सजावट, फैशन और इंटीरियर उत्पादों के बदलते वैश्विक रुझानों पर जानकारी दी गई। वहीं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से उत्पादन योजना, उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा कि यह मेला भारतीय कारीगरों और निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने भी मेले के सहायक कार्यक्रमों और सेमिनारों को कारोबार के लिहाज से उपयोगी बताया।ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा। मेले के आगामी दिनों में भी खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच व्यावसायिक संपर्क बढ़ने तथा निर्यात के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

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