मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान एवं प्रेरणा विमर्श-2026 कार्यक्रम के समापन समारोह में की सहभागिता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान एवं प्रेरणा विमर्श-2026 कार्यक्रम के समापन समारोह में की सहभागिता
नारी सशक्तीकरण, युवा स्वाभिमान एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण, रोजगार, स्वरोजगार और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन को बताया विकसित भारत का आधार
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, निवेश, स्टार्टअप और रोजगार की उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राम, कृष्ण, बुद्ध एवं राष्ट्रनायकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का किया आह्वान
प्रदेश में अब 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, इनमें आधे से ज्यादा महिलाओं द्वारा संचालित: योगी आदित्यनाथ
अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जुड़कर ही भारत के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव : स्वांत रंजन

गौतमबुद्धनगर।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में 19 एवं 20 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान एवं प्रेरणा विमर्श-2026’ कार्यक्रम के समापन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी द्वारा ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ पत्रिकाओं के 2026-27 के अंकों का विमोचन किया गया। वीडियो के माध्यम से प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने नारी शक्ति के सम्मान, युवाओं के स्वाभिमान एवं सशक्तीकरण, भारतीय सांस्कृतिक विरासत, रोजगार, आत्मनिर्भरता तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाले व्यक्तियों के प्रयासों को सम्मानित एवं रेखांकित करना रहा।
मुख्यमंत्री ने प्रेरणा विमर्श के आयोजकों और पदाधिकारियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय सनातन चेतना, ऋषि परंपरा और समाज से जुड़े ज्वलंत विषयों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने का अभिनव प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’, ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ तथा ‘एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति’ जैसे उदात्त विचारों पर आधारित है, जिसमें सभी के कल्याण, विचारों के सम्मान और विश्व को एक परिवार मानने का भाव निहित है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान और गरिमा का स्थान प्राप्त रहा है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ के भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने विदुषी गार्गी, मैत्रेयी, माता अनुसूया, मीराबाई, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और महारानी लक्ष्मीबाई जैसी महान महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने ज्ञान, शासन, संस्कृति, त्याग, शौर्य और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए तथा भेदभाव की प्रवृत्ति को समाप्त करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश पुलिस की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे द्वारा भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का उल्लेख करते हुए महिला प्रतिभाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को शासन की योजनाओं के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कन्या के जन्म से लेकर शिक्षा, कौशल विकास और विवाह तक सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में 04 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को आवास मिल चुका है और 12 लाख लोगों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने की तैयारी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। उन्होंने कहा कि आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के भेदभाव के उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं को आवासीय स्वामित्व में प्राथमिकता देने तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 12 करोड़ एलपीजी कनेक्शन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के माध्यम से महिला गरिमा एवं स्वास्थ्य की रक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियों के कार्य करने की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के माध्यम से बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार हुआ है। झांसी में 2019 में पांच महिलाओं से शुरू हुए मिल्क प्रोड्यूसर समूह का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आज इससे 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं और समूह का टर्नओवर 115 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को प्रतिमाह लगभग 08 से 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या लगभग 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार हो गई है। उन्होंने अगले तीन-चार महीनों में महिला पुलिस बल की संख्या 50 हजार से अधिक होगी। उन्होंने महिला कार्यबल की भागीदारी में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे परिवार और कार्यक्षेत्र दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर सिटी योजना के माध्यम से 04 हजार महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण एवं अवसरों से जोड़ने की योजना का उल्लेख किया। साथ ही, निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों सहित लगभग 01 करोड़ 10 लाख परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति है और उत्तर प्रदेश में लगभग 56 प्रतिशत आबादी युवा है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में लगभग सवा तीन करोड़ युवा कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग कराई गई है। इन उद्योगों में 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट में तीन गुना वृद्धि का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश को रेवेन्यू सरप्लस राज्य और देश के ग्रोथ इंजन के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 120 से कम स्टार्टअप थे, जबकि अब प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इनमें लगभग आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने शिक्षा, स्किलिंग, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को युवा विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवा शक्ति और नारी शक्ति को विकसित भारत के निर्माण की प्रमुख ताकत बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आदर्शों से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए श्रीराम को मर्यादा, श्रीकृष्ण को धैर्य एवं सत्यता तथा भगवान बुद्ध के ‘अप्प दीपो भव’ संदेश को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, विनायक दामोदर सावरकर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जी सहित अनेक ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों का जीवन राष्ट्र, संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए समर्पण का संदेश देता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में करना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और आर्थिक विकास के प्रयासों के साथ विरासत से विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेरणा विमर्श का आयोजन नारी गरिमा, युवा प्रतिभा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संवाद को एक मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति और युवा शक्ति को सम्मान, अवसर और मार्गदर्शन प्रदान करने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के शताब्दी वर्ष तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य प्रत्येक भारतीय का सपना होना चाहिए। आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री जी ने प्रेरणा विमर्श-2026 के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमुदाय को शुभकामनाएं दीं।
अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, स्वांत रंजन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि अरविंद के अनुसार, जो समाज अपने अतीत के गौरव, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के सपनों को ध्यान में रखता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास, पूर्वजों के बलिदान, भारतीय संस्कृति और अपनी परंपराओं के बारे में जानना आवश्यक है। जिस प्रकार गहरी जड़ों वाला वृक्ष आंधी-तूफान में मजबूती से खड़ा रहता है, उसी प्रकार अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ा समाज भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है। मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों “हम कौन थे, क्या हो गए और क्या होंगे अभी” का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से अपने अतीत को समझने और भविष्य के सपने गढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने आचार्य धर्मपाल की पुस्तक “द ब्यूटीफुल ट्री” का संदर्भ देते हुए भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था और ऐतिहासिक समृद्धि पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक समृद्धि का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन औपनिवेशिक शासन के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को भारी क्षति पहुँची। इसलिए युवाओं को भारत के वास्तविक इतिहास, उपलब्धियों और विरासत का ज्ञान होना चाहिये। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में उन्होंने पंच परिवर्तन के अंतर्गत स्व का बोध के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय पहचान को समझते हुए भारतीय विचारों के अनुरूप व्यवस्था के विकास के लिए प्रयास करना चाहिए। अंत में उन्होंने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से भारतीय संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्र की प्रगति और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित प्रबुद्धजनों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा ने सदैव श्रेष्ठ विचारों और संवाद को महत्व दिया है। उन्होंने वेदों के “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” तथा “वादे वादे जायते तत्त्वबोधः” जैसे सूत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न विचारों के बीच सार्थक संवाद से सत्य और तत्त्व का बोध संभव है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा के अंतर्गत भारत की गौरवशाली विरासत, स्वतंत्रता का अमृतकाल, भविष्य का भारत, स्व का आत्मबोध, पंच परिवर्तन और नवोथान के नए क्षितिज जैसे विषयों पर प्रतिष्ठित विद्वानों, लेखकों, पत्रकारों एवं विचारकों ने विमर्श किया है। उन्होंने कहा कि विचारों के संघर्ष और उससे उत्पन्न भ्रम के दौर में समाज एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करना आवश्यक है। प्रेरणा विमर्श संवाद के माध्यम से सत्य की स्थापना का एक प्रतिष्ठित मंच बनकर उभरा है। उन्होंने विमर्श के अंतर्गत प्रकाशित स्मारिका पुस्तकों, केशव संवाद, प्रेरणा विचार पत्रिकाओं के विशेषांकों, विषय आधारित प्रदर्शनियों तथा नारी शक्ति राष्ट्रबंधन यज्ञ का उल्लेख किया। साथ ही, समाजहित एवं राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली महिला पत्रकार को प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने की परंपरा की जानकारी दी।
प्रेरणा विमर्श 2026 का विषय “उत्कर्ष, नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान” है, जिसके अंतर्गत विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति एवं युवाओं के सकारात्मक योगदान पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने भारतभूमि में जन्म को गौरव के साथ एक महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए विष्णुपुराण और मनुस्मृति के संदर्भों से चरित्र, कर्तव्य और राष्ट्रबोध की आवश्यकता रेखांकित की। अंत में उन्होंने सभी के सहयोग, समर्थन और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रेरणा परिवार की ओर से धन्यवाद एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वी0के0 गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ0 मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान न्यास नोएडा अध्यक्ष प्रीति दादू जी, सचिव मोनिका चौहान, प्रेरणा शोध संस्थान के अन्य पदाधिकारीगणों, स्वयंसेवक सहित जनपद के माननीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन प्राधिकरण एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।




