आरक्षण और UGC के मुद्दे पर दादरी में प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट जाने से रोके जाने पर टंकी पर चढ़े अधिवक्ता
आरक्षण और UGC के मुद्दे पर दादरी में प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट जाने से रोके जाने पर टंकी पर चढ़े अधिवक्ता
‘UGC रोल बैक’ और ‘आरक्षण रिफॉर्म करो’ के नारों से गूंजा दादरी, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। आरक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को दादरी में सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। दादरी से सूरजपुर स्थित गौतमबुद्धनगर कलेक्ट्रेट तक प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन द्वारा दादरी में ही रोक दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ युवा अधिवक्ता दादरी तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और झंडे लहराते हुए ‘UGC रोल बैक’ तथा ‘आरक्षण रिफॉर्म करो’ के नारे लगाए।
जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर को आयोजित आंदोलन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता पंडित पीतांबर शर्मा ने की। आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से दादरी क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क और बैठकें की जा रही थीं। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जीटी रोड स्थित सूरज फार्म हाउस पर एकत्र हुए। यहां से पदयात्रा शुरू होकर दादरी की सड़कों से आगे बढ़ी। प्रदर्शन में युवा, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोग शामिल हुए।प्रदर्शनकारी दादरी से पैदल सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद दादरी तहसील के पास प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान कपिल शर्मा एडवोकेट के नेतृत्व में शामिल कुछ युवा अधिवक्ता तहसील परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गए।टंकी पर चढ़े युवाओं में प्रमोद शर्मा एडवोकेट, विवेक रावल एडवोकेट, सचिन शर्मा एडवोकेट, पुष्प शर्मा एडवोकेट और यश दीक्षित एडवोकेट समेत अन्य शामिल बताए गए। युवाओं के टंकी पर पहुंचने की सूचना से पुलिस-प्रशासन में हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर युवाओं से बातचीत की और सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद समाज के प्रबुद्ध लोगों की मध्यस्थता से सभी युवा अधिवक्ता नीचे उतर आए।इसके बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह को आंदोलनकारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान एडीसीपी सहित पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक परिस्थितियों को भी आधार बनाए जाने की मांग की। कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में जिला स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आयोग सरकारी आरक्षण नीति के क्रियान्वयन से संबंधित दिशानिर्देश भी जारी करता है।
आंदोलन में ललित राणा, पंडित रामदत्त शर्मा, रामदेव रावल, मास्टर परमानंद शर्मा, रामवीर शर्मा एडवोकेट, सतपाल बजरंगी, राकेश त्यागी, निधि शर्मा एडवोकेट, संजय शर्मा एडवोकेट, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, विवेक रावल, सुधीर वत्स, मास्टर रतनवीर, देवेंद्र त्यागी, परमानंद कौशिक, पुष्प शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, ठाकुर ओमेंद्र सिंह, विनीत चौहान, राजकुमार शर्मा, सचिन शर्मा, दीपक शर्मा एडवोकेट, शिवकुमार पंडित, ज्ञान चंद, संदीप शर्मा, सोनू भगत, दिनेश शर्मा, बिन्नू राणा, राजेश दीक्षित, वेदपाल सिंह और संजय सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




