यथार्थ हॉस्पिटल में फाइब्रॉइड सर्जरी की नई तकनीकों पर मंथन, रोबोटिक सर्जरी पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
यथार्थ हॉस्पिटल में फाइब्रॉइड सर्जरी की नई तकनीकों पर मंथन, रोबोटिक सर्जरी पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
दिल्ली-एनसीआर के स्त्री रोग विशेषज्ञों ने एंडो गायनी सर्जरी समिट में लिया हिस्सा, हैंड्स-ऑन वर्कशॉप में सीखे आधुनिक सर्जिकल कौशल

नोएडा।महिलाओं में तेजी से बढ़ रही फाइब्रॉइड की समस्या और उसके आधुनिक उपचार को लेकर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन में रविवार को ‘एंडो गायनी सर्जरी समिट 2026 – फोकस फाइब्रॉइड्स’ का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय अकादमिक सम्मेलन और हैंड्स-ऑन लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग वर्कशॉप में 70 से अधिक लोगों ने भाग लिया जिसमें दिल्ली-एनसीआर के जाने- माने स्त्री रोग विशेषज्ञ, लैप्रोस्कोपिक सर्जन शामिल थे। कार्यक्रम में फाइब्रॉइड के इलाज में आ रही नई तकनीकों और कम चीरे वाली सर्जरी (मिनिमली इनवेसिव सर्जरी) पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आज रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीकों ने फाइब्रॉइड सर्जरी को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सटीक बना दिया है। इन तकनीकों की मदद से मरीजों को कम दर्द होता है, खून भी ज्यादा नहीं निकलता है और अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है। वे जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाते हैं। साथ ही महिलाओं की प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने में भी ये तकनीकें काफी प्रभावी साबित हो रही हैं।कार्यक्रम में डॉक्टरों को लैप्रोस्कोपिक स्यूचरिंग, गर्भाशय को फिल करना, जटिल फाइब्रॉइड सर्जरी, एडेनोमायोसिस के उपचार और नई सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। लाइव डेमोंस्ट्रेशन, केस स्टडी और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से प्रतिभागियों ने आधुनिक सर्जरी की बारीकियों को करीब से समझा।डॉ. प्रह्लाद अग्रवाल, सीओओ, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डॉक्टरों का लगातार नई तकनीकों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। इस तरह के अकादमिक कार्यक्रम न केवल विशेषज्ञों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाते हैं, बल्कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
डॉ. ज्योति मिश्रा, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा एडवांस गायनी लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन ने कहा, “फाइब्रॉइड महिलाओं में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। आधुनिक लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक तकनीकों की मदद से अब जटिल मामलों का भी बेहतर इलाज संभव है। इस समिट का उद्देश्य डॉक्टरों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उनके व्यावहारिक कौशल को और मजबूत बनाना था। रोबोटिक सर्जरी उन महिलाओं के लिए बहुत अच्छी है जिन्हें फाइब्रॉएड है और वे आगे चलकर माँ बनना चाहती हैं। इस तकनीक से गर्भाशय में बहुत बारीक कट्स और मजबूत टांके लगाए जाते हैं, जिससे घाव अच्छे से भरता है और आगे माँ बनने में कोई दिक्कत नहीं आती।”डॉ. रोली बांठिया, कंसल्टेंट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कहा, “आज मरीज कम दर्द, छोटे चीरे और तेजी से रिकवरी वाले उपचार की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक सर्जरी महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉक्टरों को नवीनतम तकनीकों से जोड़ते हैं, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार मिल सके।”कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने कहा कि महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ डॉक्टरों का नियमित प्रशिक्षण भी उतना ही जरूरी है। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भविष्य में भी ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए प्रयास करता रहेगा। इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में गायनेकोलॉजिस्ट्स ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे बेहद उपयोगी बताया।




