आई० टी० एस० डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में दीक्षांत समारोह में बी०डी०एस० और एम०डी०एस० के छात्रों को मिली डिग्री
आई० टी० एस० डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में दीक्षांत समारोह में बी०डी०एस० और एम०डी०एस० के छात्रों को मिली डिग्री

ग्रेटर नोएडा ।आई० टी० एस० डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में दिनांक 02.04.2026 को बी०डी०एस० के बैच 2020 और एम०डी०एस० के बैच- 2022 के छात्रों की शिक्षा पूर्ण होने के अवसर पर एक भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया ।दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि, निदेशक, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, नोएडा तथा अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के पूर्व कुलपति डॉ. ए. के. सिंह एवं विशिष्ट अतिथि गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा, निदेशक एवं प्रोफेसर, डॉ. (ब्रिगेडियर ) राकेश गुप्ता, आई.टी.एस द एजुकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ० आर.पी. चड्ढा, उपाध्यक्ष श्री सोहिल चड्ढा, सचिव श्री बी.के. अरोरा, निदेशक – पब्लिक रिलेशन सुरेन्द्र सूद, संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं समारोह मे शामिल विद्यार्थियों के अभिभावकों की गरिमामय उपस्थिति में बी. डी. एस. और एम. डी. एस पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण कुल 125 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई।इस अवसर पर डॉ. ए. के. सिंह ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों एवं उनके माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि आई0टी0एस0 डेंटल कॉलेज दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी संस्थानों में से एक है। चिकित्सक की जरूरत समाज के हर प्रकार के लोगों को हर समय पडती है। डॉ. ए. के. सिंह ने विद्यार्थियों को समर्पण, ईमानदारी और मानवीय संवेदनाओं के साथ चिकित्सा सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। डॉ. सिंह ने कहा कि एक चिकित्सक केवल रोग का उपचार नहीं करता, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी निर्वहन करता है।विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर, डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता ने छात्रों को आर्शीवाद देते हुए अपने सम्बोधन में छात्रों को उनका अतीत याद दिलाते हुए कहा कि आप सभी के माता – पिता ने दंत चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाते हुए आप सभी के मन में दंत चिकित्सक बनने का बीजारोपण किया था और उस बीज को आप सभी ने अपने गुरूओं के सिखाये गये मार्ग पर चलते हुए अपनी कठिन मेहनत और परिश्रम के बल पर अब एक वृक्ष के रूप में परिवर्तित कर चुके है, और अच्छा वृक्ष वही होता है जिसकी छाया और फल अधिकतम लोगों तक पहुंच सके।इस अवसर पर संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण का फल है। डॉ. शेट्टी ने सदैव नैतिक मूल्यों करूणा और ईमानदारी को अपने पेशे का आधार बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सा क्षेत्र निरंतर विकसित हो रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने की आदत बनाए रखनी चाहिए। नई तकनीकों और शोध कार्यों से जुड़कर वे अपने ज्ञान और कौशल को और अधिक समृद्ध कर सकते हैं।इस अवसर पर बी०डी०एस० 2020 बैच और एम०डी०एस 2022 बैच के सभी छात्रों द्वारा संस्थान में बिताये गये अपने अनमोल पलों को पिरोकर बनाई गयी वार्षिक पुस्तिका का विमोचन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ० ए. के. सिंह तथा आई०टी०एस० – द एजूकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ आर० पी० चड्ढा ने उत्तीर्ण छात्रों के उज्जवल भविष्य की मनोकामना करते हुए कहा कि देश के विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य का बड़ा अहम योगदान है और आई०टी०एस० – द एजूकेशन ग्रुप बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अपने अध्ययन के दौरान एकेडमिक सांस्कृतिक, खेलकूद आदि में विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन करने वाले बी०डी०एस० के छात्रों में शैक्षणिक क्षेत्र में अक्षिता दीप शर्मा, खेलकूद एवं सांस्कृतिक में नितिशा बोरा, ऑल राउंडर में सर्वश्रेष्ठ छात्र उत्सव गोयल और एम०डी०एस० के छात्रों में शैक्षणिक . क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ छात्रा डॉ० लालनुनपुई पाउतु और उत्कृष्ट स्नातकोत्तर छात्र डॉ० बिक्रम राणा को दिया गया। इस अवसर पर विगत वर्षो के विश्वविद्यालय की परीक्षा में बी०डी०एस० प्रथम, दितीय एवं चतुर्थ वर्ष के कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पारितोषिक राशी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।आई०टी०एस० – द एजूकेशन ग्रुप उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने सभा में उपस्थित सभी अभिभावाकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हे विश्वास दिलाया कि अपनी कठिन मेहनत और शिक्षकों की मदद से आने समय में सभी छात्र अच्छे दंत चिकित्सक बनकर मरीजों की सेवा करते हुए स्वस्थ भारत के मिशन में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएंगे। अंत में सभी उत्तीर्ण छात्रों ने संस्थान में बिताए गए अपने अनमोल पलों को याद करते हुए अपने सभी शिक्षकों और अपने माता-पिता के साथ जलपान ग्रहण करने के पश्चात् उनका आर्शीवाद लेते हुए भीगी पलकों के साथ अश्रुपूर्ण विदाई ली तथा अपने शिक्षकों के बताये गये राह पर चलने की शपथ ली ।




