ग्रेटर नोएडा में रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो का आगाज, 54 हजार से अधिक उद्योग पेशेवर ले रहे हिस्सा
ग्रेटर नोएडा में रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो का आगाज, 54 हजार से अधिक उद्योग पेशेवर ले रहे हिस्सा
इंडिया एक्सपो मार्ट में 24 अक्टूबर तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय आयोजन, 1,080 से अधिक प्रदर्शक और 1,400 वैश्विक ब्रांड शामिल; बैटरी स्टोरेज और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर रहेगा जोर

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो के 19वें संस्करण का शुभारंभ हुआ। इसके साथ द बैटरी शो इंडिया के चौथे संस्करण और एनर्जी स्टोरेज समिट इंडिया के दूसरे संस्करण का भी आयोजन किया जा रहा है। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 54 हजार से अधिक उद्योग पेशेवर, 1,080 से अधिक प्रदर्शक और 1,400 वैश्विक ब्रांड हिस्सा ले रहे हैं।
इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया की ओर से आयोजित इस एक्सपो में नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड अवसंरचना और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारत में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ घरेलू विनिर्माण, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
ऊर्जा उत्पादन के साथ भंडारण क्षमता बढ़ाना जरूरी
इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रस ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका के साथ ऊर्जा उत्पादन और भंडारण क्षमता का विस्तार भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के बीच बैटरी स्टोरेज और मजबूत ग्रिड व्यवस्था ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी विकास, लागत में कमी और बड़े पैमाने पर उत्पादन से नवीकरणीय ऊर्जा अधिक प्रतिस्पर्धी बन रही है। इससे आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य
सीएसटीईपी इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. जय असुंडी ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। देश का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में आगे बढ़ना है। इसके लिए घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान, ऊर्जा भंडारण और ग्रिड अवसंरचना में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।
भारत को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगी मजबूती
स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी ने भारत और स्कॉटलैंड के बीच स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और रोजगार के अवसरों को लेकर सहयोग की संभावनाएं रेखांकित कीं। वहीं, भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने महत्वपूर्ण खनिजों, इंजीनियरिंग और विनिर्माण के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के लिए अहम बताया।
फ्राउनहोफर ऑफिस इंडिया की निदेशक आनंदी अय्यर ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा अब केवल पर्यावरण तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह तकनीकी आत्मनिर्भरता, औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ी है। उन्होंने ऊर्जा भंडारण, ग्रिड एकीकरण और भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
हरित ऊर्जा और विनिर्माण को मिलेगा नया मंच
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह एक्सपो उद्योग जगत के विशेषज्ञों, निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। तीन दिनों के दौरान स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और भविष्य की बिजली जरूरतों पर चर्चा की जा रही है।
भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन नई तकनीकों के आदान-प्रदान, उद्योगों के बीच साझेदारी और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने का अवसर उपलब्ध करा रहा है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और तकनीकी विकास की संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित होगा।




