मजबूत परिवार, सुरक्षित समाज के संदेश के साथ एफडीआरसी की छठी वर्षगांठ मनाई
मजबूत परिवार, सुरक्षित समाज के संदेश के साथ एफडीआरसी की छठी वर्षगांठ मनाई

ग्रेटर नोएडा। शारदा स्कूल ऑफ लॉ और गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में शारदा यूनिवर्सिटी में फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लिनिक (एफडीआरसी ) की छठी वर्षगांठ मनाई गई। कार्यक्रम की थीम “सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए मजबूत परिवार” रही। कार्यक्रम में 350 से अधिक छात्र, पुलिस अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, काउंसलर और शिक्षाविद शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत थाना नॉलेज पार्क में उद्घाटन समारोह से हुई। इसके बाद शारदा यूनिवर्सिटी के चाणक्य ऑडिटोरियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान मुख्य अतिथि और गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का समाधान सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में से एक है। ऐसे मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सहानुभूति, धैर्य, काउंसलिंग और आपसी बातचीत की भी जरूरत होती है। उन्होंने एफडीआरसी को पुलिस, कानूनी विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और काउंसलर्स को एक मंच पर लाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि पारिवारिक विवादों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से सम्मान और शांति बहाल करने में एफडीआरसी की भूमिका महत्वपूर्ण है।शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर पी.के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने एफडीआरसी के माध्यम से संवाद, सहानुभूति और सुलह की भावना को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।कार्यक्रम के दौरान एफडीआरसी की सफलता में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों, काउंसलर्स और कोऑर्डिनेटर्स को सम्मानित किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित हुए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्रो चांसलर वाई.के. गुप्ता, डीसीपी सुनीति, डीन स्कूल ऑफ लॉ डॉ. ऋषिकेश दवे, डीन अकादमिक डॉ. आर.सी. सिंह, एडमिशन डायरेक्टर डॉ. राजीव गुप्ता, डायरेक्टर पीआर डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अक्सा फातिमा, डॉ. उर्मिला, डॉ. तरुण कौशिक, डॉ. संचिता, डॉ. वर्णिका और डॉ. ऋतु सहित फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।




