शारदा विश्वविद्यालय की शोधार्थी तहरीन को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दो सम्मान
शारदा विश्वविद्यालय की शोधार्थी तहरीन को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दो सम्मान

ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय की पीएच.डी. शोधार्थी तहरीन ने मलेशिया स्थित यूनिवर्सिटी मलाया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यात्मक पदार्थ एवं उपकरण सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान अपने नाम किए।तहरीन ने “पौधों की सहायता से विकसित जैव-क्रियाशील कोबाल्ट-निकेल फेराइट नैनोसमिश्रणों का कैंसर उपचार में उपयोग” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। उनकी मौखिक शोध प्रस्तुति को सम्मेलन में उपस्थित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विशेष रूप से सराहा।वह शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज़ एंड रिसर्च में डॉ. मोहित साहनी एवं डॉ. मुनेन्द्र सिंह के निर्देशन में शोध कार्य कर रही हैं। उनका शोध हरित तकनीक से विकसित फेराइट चुंबकीय नैनोकणों पर आधारित है, जिनका उपयोग लक्षित औषधि वितरण, कैंसर उपचार तथा अन्य जैव-चिकित्सीय क्षेत्रों में किया जा सकता है। यह शोध भविष्य में परिशुद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सम्मेलन में उत्कृष्ट शोध प्रस्तुति के लिए तहरीन को ‘सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुतीकरण सम्मान’ तथा उभरते वैज्ञानिक के रूप में ‘युवा शोधकर्ता सम्मान’ प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से शारदा विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।शोध अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) भुवनेश कुमार ने तहरीन को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की सशक्त शोध संस्कृति और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तहरीन का शोध स्वास्थ्य विज्ञान एवं नैनो-चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा और अन्य युवा शोधार्थियों को भी उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगा।




