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योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया ने कन्नड़ में वाईएसएस क्रिया योग पाठमाला की आरम्भ ।

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया ने कन्नड़ में वाईएसएस क्रिया योग पाठमाला की आरम्भ ।

ग्रेटर नोएडा। योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया (YSS) ने कन्नड़ भाषा में योगदा सत्संग क्रिया योग पाठमाला प्रारम्भ की है। इन पाठों में विश्वप्रसिद्ध योगी, श्री श्री परमहंस योगानन्द द्वारा प्रतिपादित वैज्ञानिक ध्यान की प्रविधियाँ तथा सफल जीवन जीने के सिद्धान्तों से सम्बंधित शिक्षाएँ संकलित हैं। इस प्रकार कन्नड़-भाषी साधकों के लिए उनकी मातृभाषा में प्राचीन योग-ध्यान की शिक्षाएँ उपलब्ध हो गई हैं।

हासन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ भक्तगण एवं साधक एकत्र हुए ताकि योगदा सत्संग आत्म-साक्षात्कार पाठमाला में प्रस्तुत ध्यान तथा संतुलित जीवन की शिक्षाओं के विषय में जान सकें।

इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी स्मरणानन्द गिरि (योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के वरिष्ठ संन्यासी तथा उपाध्यक्ष) ने स्पष्ट एवं क्रमबद्ध विधि से ध्यान सीखने के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यदि सभी को यह ज्ञात हो कि ध्यान कैसे किया जाता है, तो हर कोई ध्यान करेगा! योगदा सत्संग पाठमाला वैज्ञानिक प्रकृति की, भली-भाँति परखी हुई तथा सुनिश्चित परिणाम देने वाली ध्यान-प्रविधियों को अत्यन्त विस्तार से समझाती है।”

योगदा सत्संग पाठमाला एक चरण-दर-चरण गृह-अध्ययन पाठ्यक्रम प्रस्तुत करती है, जो परमहंस योगानन्द द्वारा प्रदत्त ध्यान तथा आदर्श जीवन के व्यावहारिक उपाय सिखाती है। ये पाठ निष्ठावान साधकों को, अपनी दैनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी, एकाग्रता, अंतर-शान्ति, सन्तोष, आध्यात्मिक बोध और सफल जीवन में मार्गदर्शन देते हैं।

स्वामी स्मरणानन्दजी ने शिक्षाओं के गहन उद्देश्य को और स्पष्ट करते हुए कहा:

“परमहंस योगानन्दजी की क्रियायोग‑संबंधी शिक्षाएँ साधक को शारीरिक रोग, मानसिक असामंजस्य और आध्यात्मिक अज्ञान (अविद्या) पर विजय पाने में सहायक हैं। मूलतः, योगानन्दजी द्वारा प्रदत्त योगदा सत्संग आत्म‑साक्षात्कार पाठमाला शरीर, मन और आत्मा के संतुलित विकास के माध्यम से साधक को सर्वांगीण उन्नति की ओर अग्रसर करती हैं ।” सभी उपस्थित जनों ने इन शिक्षाओं की कन्नड़ में उपलब्धता का हार्दिक स्वागत किया, जिससे और अधिक लोग इन प्राचीन वैज्ञानिक ध्यान‑प्रविधियों का अध्ययन और अभ्यास कर सकेंगे। जो साधक इन प्रविधियों को सीखने के इच्छुक हैं, वे योगदा सत्संग आत्म‑साक्षात्कार पाठमाला में पंजीकरण कर सकते हैं:

yssi.org/lessons

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