फोर्टिस नोएडा ने लाइफस्टाइल संबंधी रोगों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए शुरू किया एक समग्र ओबेसिटी क्लीनिक
फोर्टिस नोएडा ने लाइफस्टाइल संबंधी रोगों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए शुरू किया एक समग्र ओबेसिटी क्लीनिक

नोएडा। मोटापे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने एक समग्र ओबेसिटी क्लीनिक शुरू किया है जो सामान्य से अधिक वज़न और इससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को एक व्यवस्थित, मल्टीडिसीप्लीनरी केयर की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस ओबेसिटी क्लीनिक में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए इंटरनल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, पिडियाट्रिक्स, पल्मोनोलॉजी, मेंटल हेल्थ तथा क्लीनिकल डायटेटिक्स एंड न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा बॉडी कंपोज़िशन एनेलिसिस और पर्सनलाइज़्ड ओबेसिटी मैनेजमेंट प्रोग्राम उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह पहल, साक्ष्य-आधारित, मरीज-केंद्रित केयर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है जो मोटोपे को केवल लाइफस्टाइल संबंधी चुनौती ही नहीं बल्कि ऐसी क्रोनिक मेडिकल कंडीशन के तौर पर देखती है जिसके लिए लगातार क्लीनिकल स्तर पर प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
इस क्लीनिक का शुभारंभ, डॉ अजय अग्रवाल, चेयरमैन – इंटरनल मेडिसिन, डॉ शानू शर्मा, मेडिकल डायरेक्टर, डॉ वी एस चौहान, डायरेक्टर, जनरल एमएएस एंड रोबोटिक सर्जरी, डॉ नितिन झा, डायरेक्टर – जनरल एमएएस एंड रोबोटिक सर्जरी, डॉ अनुपम बिस्वास, सीनियर कंसल्टेंट – एंडोक्राइनोलॉजी, डॉ आशीष डोडमानी, कंसल्टेंट पिडियाट्रिक्स, डॉ नमिता नादर, क्लीनिकल डायटीशियन एंड न्यूट्रिशनिस्ट तथा कैप्टन नीलम देशवाल, चीफ ऑफ नर्सिंग द्वारा फोर्टिस हॉस्पीटल, नोएडा के अन्य टीम सदस्यों के साथ मिलकर किया गया। ओबेसिटी क्लीनिक के उद्घाटन अवसर पर, डॉ अजय अग्रवाल, चेयरमैन – इंटरनल मेडिसिन, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने कहा, “मोटापा आज सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। लांसेट जर्नल में प्रकाशित एक वैश्विक विश्लेषण के अनुसार, भारत में वर्ष 2050 तक लगभग 44 करोड़ लोगों के मोटापाग्रस्त या ओवरवेट होने की संभावना है। मोटापा काफी जटिल, क्रोनिक, रीलैप्स होने वाला ऐसा रोग है जिसमें एडिपोज़ टिश्यू (वसा ऊतक) का अत्यधिक जमाव हो जाता है जिसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधी अनेक परेशानियां पैदा होती हैं। दुनियाभर में इसे गैर-संक्रामक
रोगों (एनसीडी) का प्रमुख कारण भी माना जाता है, जो हृदय रोगों, मेटाोलिक, कैंसर एवं मांसपेशियों एवं हड्डियों से जुड़े अनेक विकारों को जन्म देता है। ऐसे में बचाव, शीघ्र निदान और इसके प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था होना काफी जरूरी है।”मोहित सिंह, ज़ोनल डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने कहा, “मोटापा धीरे-धीरे भारत में एक प्रमुख पब्लिक हेल्थ चैलेंज बन चुका है जो सभी आयुवर्गों के लोगों को प्रभावित करता है। फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा में एक समर्पित ओबेसिटी क्लीनिक के लॉन्च के साथ, हमारा उद्देश्य वेट मैनेजमेंट के लिए साक्ष्य-आधारित देखभाल के माध्यम से समग्र और मरीज-केंद्रित प्रोग्राम उपलब्ध कराना है। हम विशेषज्ञों और मल्टीपल विशेषज्ञताओं के साथ-साथ उन्नत डायग्नॉस्टिक टूल्स तथा पर्सनलाइज़्ड न्यूट्रिशन एवं लाइफस्टाइल संबधी मार्गदर्शन प्रदान कर, लोगों को अपनी सेहत पर नियंत्रण रखने के लिए सशक्त बनाने का इरादा रखते हैं। यह पहल प्रीवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने और समुदाय को अधिक सेहतमंद, तथा अधिक सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को अपनाने में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है।”




