इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) की प्रेस कॉन्फ्रेंस,MSME को मजबूती देने के लिए उठाई 7 मांगें, ई-बिडिंग खत्म कर फ्री होल्ड प्लॉट देने की वकालत
इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) की प्रेस कॉन्फ्रेंस,MSME को मजबूती देने के लिए उठाई 7 मांगें, ई-बिडिंग खत्म कर फ्री होल्ड प्लॉट देने की वकालत
शफी मौहम्मद सैफी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस वार्ता की। संस्था के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने के लिए MSME को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है, आज MSME केवल विभागों के साथ अपनी समस्याओं को हल करने के लिए चक्कर काट रहा है तो वह व्यापार कब बढ़ाएगा। उधमियों की इन्ही समस्याओ का समाधान उद्योगों की सुविधा, पारदर्शिता एवं सुगमता से संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस मौके पर संजीव शर्मा ने बताया कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ई-बिडिंग प्रणाली को समाप्त कर पूर्व की तरह आवेदन आधारित पारदर्शी प्रणाली लागू की जाए ताकि छोटे एवं मध्यम उद्योगों को भी अवसर मिल सके। ई नीलामी प्रक्रिया में किसी छोटे उधमी के लिए जिले में अपनी जमीन पर उधोग लगाना सपने जैसा होता जा रहा है।सभी औद्योगिक भूखंडों को लीज़होल्ड के स्थान पर फ्रीहोल्ड करने की मांग की गई, जिससे उद्योगपति आत्मनिर्भर होकर अधिक निवेश कर सकें तथा छोटे -2 कार्यो के लिए विभाग के चक्कर न लगाने पड़े। ऐसे उद्योग जो पिछले पांच वर्षों से किसी भूखंड पर किराए पर कार्यरत हैं तथा सरकार को राजस्व एव लोगो को रोजगार दे रहे है उन्हें स्थायी भूखंड आवंटन में प्राथमिकता दी जाए।प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र को नजदीकी रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन से जोड़ने हेतु पर्याप्त कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे माल और श्रमिकों का आवागमन सुगम हो। कर्मचारियों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा होने से ऑटो वालो द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से राहत मिलेगी तथा कम किराए में वे दूर के औधोगिक क्षेत्रो में जा सकेंगे। कोई भी उद्योग यदि अब तक किसी सरकारी विभाग में पंजीकृत नहीं है तो उसे बिना किसी जुर्माने के पंजीकरण का एक अवसर मिलना चाहिए जिससे उनको मुख्य धारा में जोड़ा जा सके। सिंगल विंडो पोर्टल को इस प्रकार विकसित किया जाए कि एक बार दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद सभी संबंधित विभाग वही दस्तावेज़ उस पोर्टल से प्राप्त कर लें, जिससे उधमियों को बार-बार दस्तावेज़ जमा न करने पड़ें और विभागों के चक्कर न लगाने पड़े। सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया भी डीम्ड होनी चाहिए। जनपद में कार्यरत श्रमिकों की संख्या के आधार पर उचित अनुपात में उनके लिए आवास योजना चलाई जाए ताकि वे सुरक्षित और सुगम आवासीय सुविधा प्राप्त कर सकें और बार बार उधोगो से छुट्टी लेकर अपने राज्यो को वापिस न जाये और उधोगो को सुचारू रूप से चलाया जा सके।संस्था ने सरकार से आग्रह किया कि इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाए ताकि जनपद में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके और निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हो। महासचिव विशाल गोयल, पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंघल,कोषाध्यक्ष गौरव गर्ग, उपाध्यक्ष गुरदीपसिंह तुली, पी एस मुखर्जी, दिनेश चौहान, सुशील शर्मा एव एम पी शुक्ला उपस्थित रहे।