यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का उदाहरण,एक कैबिनेट मंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है, जबकि हत्यारे घूम रहे हैं खुलेआम। गुर्जर वीरेंद्र डाढा
यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का उदाहरण,एक कैबिनेट मंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है, जबकि हत्यारे घूम रहे हैं खुलेआम। गुर्जर वीरेंद्र डाढा

ग्रेटर नोएडा ।निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद को पुलिस-प्रशासन ने गाजियाबाद के यूपी गेट पर रोकते हुए हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद स्थित गेस्ट हाउस में करीब तीन घंटे तक नजरबंद रखा गया। इस कार्रवाई से निषाद पार्टी और समर्थक संगठनों में भारी रोष फैल गया।निषाद पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गुर्जर वीरेंद्र डाढा ने प्रशासन की कार्रवाई को सीधे-सीधे अन्याय करार देते हुए कहा—
“यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का उदाहरण है। एक कैबिनेट मंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है, जबकि हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। यह साफ दिखाता है कि प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है और पीड़ित समाज की आवाज को दबाया जा रहा है।”
उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“यदि सोनू कश्यप के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो निषाद पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगी। सड़क से सदन तक सरकार को जवाब देना पड़ेगा।



