इंडिया स्किल्स 2025–26 का भव्य समापन, युवाओं के हुनर को मिला राष्ट्रीय मंच । स्किल इंडिया बना जनआंदोलन, युवाओं को निरंतर सीखने का संदेश
इंडिया स्किल्स 2025–26 का भव्य समापन, युवाओं के हुनर को मिला राष्ट्रीय मंच
स्किल इंडिया बना जनआंदोलन, युवाओं को निरंतर सीखने का संदेश
कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते युवा, विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव
उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, कई पदक अपने नाम
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कौशल, नवाचार और रोजगार के अवसरों को मिला बढ़ावा

गौतमबुद्धनगर ।कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इंडिया स्किल्स नेशनल कॉम्पटीशन 2025–26 का भव्य समापन समारोह गुरुवार को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा, जनपद गौतमबुद्धनगर में उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में युवाओं के कौशल, नवाचार और उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल विकास और उद्यमशीलता जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि स्किल इंडिया मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है, जिसमें सरकार, उद्योग और समाज की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने और आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र सतत प्रयास है।विशिष्ट अतिथि कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हुनर ही व्यक्ति की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भाग लेने वाले प्रतिभागी देश का गौरव बढ़ाएंगे और भारत की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेंगे। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल आज के समय की सबसे बड़ी शक्ति है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कस्बों और गांवों से निकलकर युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जो विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हरियाणा सरकार के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता, खेल एवं न्याय विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौरव गौतम ने युवाओं को देश के भविष्य की आधारशिला बताते हुए उनके कौशल और क्षमता पर विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के स्वागत भाषण में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई ने कहा कि इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि कौशल, समर्पण और उत्कृष्टता का उत्सव है, जो युवाओं को रोजगार के साथ सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए प्रदेश के सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें आगामी वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो प्रदेश की कौशल विकास नीतियों की सफलता को दर्शाता है। समारोह में उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। प्रयागराज के नितिन कुमार (वाल एंड फ्लोर टाइलिंग ) और आगरा के सूर्यांश गुप्ता (रिन्यूएबल एनर्जी ) ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए। मुरादाबाद के सात्विक गोयल (Industrial Design Technology) और गाजियाबाद के जुनैद (Carpentry) ने रजत पदक जीते। वहीं फर्रुखाबाद के गंभीर सिंह (Beauty Therapy), लखनऊ की लावण्या शुक्ला (ग्राफ़िक डिज़ाइन ) और कानपुर की शीतल वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किए।कार्यक्रम में बिहार, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्किल एक्सपर्ट्स, ट्रेनर्स एवं देशभर से आए हजारों प्रतिभागी उपस्थित रहे। समापन अवसर पर यह संदेश दिया गया कि यह प्रतियोगिता केवल एक पड़ाव है, जहां से भारत के युवा वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होंगे।




