ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट ने एमएसएमई और छोटे उद्योगों को अभूतपूर्व कठिनाई में डाला,तोड़ दी है कमर। देखें क्या बोले उद्यमी
ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट ने एमएसएमई और छोटे उद्योगों को अभूतपूर्व कठिनाई में डाला,तोड़ दी है कमर। देखें क्या बोले उद्यमी

ग्रेटर नोएडा।ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट ने आज एमएसएमई और छोटे उद्योगों को अभूतपूर्व कठिनाई में डाल दिया है इस बारे में इंडस्ट्रियल बिज़नेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय कहते हैं कि कच्चे माल, गैस और ऊर्जा के दाम 35% से 50% तक बढ़ चुके हैं, जबकि बाजार इन बढ़ी हुई कीमतों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है इससे उत्पादन, रोजगार और पूरी औद्योगिक व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।इस बारे में संगठन के महासचिव सुनील दत्त शर्मा कहते हैं कि स्थिति इतनी गंभीर है कि श्रमिक पलायन कर रहे हैं और औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के सामने भोजन तक की समस्या खड़ी हो गई है। इस बारे में कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल कहते हैं कि मैं सरकार और प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि तुरंत उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस नीति बनाएं और इस संकट पर प्रभावी नियंत्रण करें, अन्यथा इसका असर प्रदेश ही नहीं, देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहराई से पड़ेगा।”इंडस्ट्रियल बिज़नेस एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी दर्शन शर्मा ने बताया वर्तमान परिस्थितियों में एमएसएमई सेक्टर अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। कच्चे माल, गैस एवं ऊर्जा की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने छोटे उद्योगों की कमर तोड़ दी है, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।मैं सरकार एवं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उद्योगों को राहत मिल सके और देश की आर्थिक रीढ़ को कमजोर होने से बचाया जा सके।”




