जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस (JIMSEMTC) के विधि विभाग द्वारा किया गया ‘जिम्स एंटरप्रेन्योरियल लॉ क्लिनिक’ का विधिवत एवं गरिमामय उद्घाटन
जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस (JIMSEMTC) के विधि विभाग द्वारा किया गया ‘जिम्स एंटरप्रेन्योरियल लॉ क्लिनिक’ का विधिवत एवं गरिमामय उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा।जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस (JIMSEMTC) के विधि विभाग द्वारा दिनांक: 26 फरवरी 2026 गुरुवार को ‘जिम्स एंटरप्रेन्योरियल लॉ क्लिनिक’ का विधिवत एवं गरिमामय उद्घाटन किया गया। यह क्लिनिक आधुनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम की निरंतर बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कानूनी शिक्षा को व्यावहारिक दृष्टिकोण से सशक्त बनाने की एक दूरदर्शी पहल है। संस्थान के मूट कोर्ट हॉल में “नवाचार को सशक्त बनाना, उद्यम को सक्षम करना एवं कानूनी उत्कृष्टता सुनिश्चित करना” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में तकनीकी युग में व्यवसायिक सफलता हेतु सुदृढ़ कानूनी तैयारी की अनिवार्यता पर विशेष बल दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, eComStreet के सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मैनेजर मानस सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी स्थायी और सफल उद्यम की नींव एक मजबूत कानूनी ढांचे पर आधारित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कानून को नवाचार में बाधा नहीं, बल्कि उसे दिशा और सुरक्षा प्रदान करने वाले माध्यम के रूप में देखें। जिम्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अमित गुप्ता एवं जिम्सईएमटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) सचिन यादव के मार्गदर्शन में स्थापित इस क्लिनिक का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा व्यावहारिक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे स्टार्टअप्स, कॉर्पोरेट संरचनाओं, बौद्धिक संपदा, अनुबंधों एवं अनुपालन से जुड़े जटिल कानूनी पहलुओं की गहन समझ विकसित कर सकें।
विधि विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. (डॉ.) पल्लवी गुप्ता ने कहा कि यह क्लिनिक शैक्षणिक सिद्धांतों और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा, जिससे छात्रों की पेशेवर दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में फैकल्टी समन्वयक श्री विवेक त्रिवेदी एवं श्री गौरव यादव (सहायक प्राध्यापक, विधि) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं छात्र समन्वयक सुश्री हर्षिता शर्मा और सुश्री नंदिनी बंसल ने आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सक्रिय योगदान दिया। यह एंटरप्रेन्योरियल लॉ क्लिनिक उद्योग-आधारित व्यावहारिक कानूनी शिक्षा की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा




