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सूरजपुर में प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2026, हवन-यज्ञ और ध्वजारोहण के साथ हुआ शुभारंभ

सूरजपुर में प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2026, हवन-यज्ञ और ध्वजारोहण के साथ हुआ शुभारंभ

ग्रेटर नोएडा । सूरजपुर में आयोजित होने वाला प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2026
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 अप्रैल 2026, दिन बुधवार से भव्य रूप से प्रारंभ हो गया है।प्रातः 10 बजे हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसे आचार्य सुमित शुक्ला द्वारा विधिवत संपन्न कराया गया। वहीं सायं 4 बजे शिव मंदिर सेवा समिति
के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल भाटी (प्रधान), महासचिव ओमवीर सिंह बैंसला,कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल, मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा सहित अन्य
पदाधिकारियों द्वारा ध्वजारोहण कर मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया।रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्राचीनकालीन बाराही मेला के
सांस्कृतिक मंच पर मां सरस्वती की वंदना के साथ प्रारंभ होंगे। मेले मेंस्थापित प्राचीनकालीन चौपाल विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां
सबसे बड़ी खाट, विशाल हुक्का, बड़ी रई, बड़ा पीढ़ा तथा बैलगाड़ी जैसीपारंपरिक कृषि आधारित वस्तुएं लोगों को ग्रामीण संस्कृति से रूबरू करा रही हैं।इसके साथ ही राजस्थान से आए कच्ची घोड़ी नृत्य, बीन पार्टी एवं नगाड़ा
पार्टी के कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले में ग्रामीण संस्कृति की
अद्भुत छटा बिखेर दी है।इस अवसर पर शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल भाटी ने कहा
कि बाराही मेला-2026 के शुभारंभ के साथ पूरे क्षेत्र में ग्रामीण संस्कृति की नई ऊर्जा और उल्लास का संचार होगा। यह मेला 1 अप्रैल से 13
अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें राजस्थान और हरियाणा के
लोकगीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लगातार दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।महासचिव ओमवीर सिंह बैंसला ने बताया कि मेले के अंतिम दिन 13 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:30 बजे से भव्य दंगल का आयोजन किया जाएगा। इस दंगल में 101
रुपये से लेकर 10,51,000 रुपये तक के पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं,जिसमें दूर-दूर से आए पहलवान अपनी मल्ल कला का प्रदर्शन करेंगे। इस दंगल
के प्रायोजक मोहन बाबा ट्रस्ट, दिल्ली है, जिसमें सतवीर भाटी, राजवीर भगतजी, धर्मवीर भाटी, धर्मपाल भाटी एवं सुखवीर भाटी शामिल हैं।महासचिव ने आगे बताया कि मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए कठपुतली शो,
नट कला, मौत का कुआं, सर्कस, जादूगर शो तथा विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं।कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल ने जानकारी दी कि मेले में खानपान एवं विभिन्न
आवश्यक वस्तुओं के लिए लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां महिलाएं भी अपनी
जरूरत के सामान की खरीदारी कर सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मेले के
प्रारंभ होते ही चमत्कारिक सरोवर में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की
संख्या में वृद्धि हुई है। मान्यता है कि इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है, जो मां बाराही की कृपा का प्रतीक है।मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि 2 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार को
सायं 5 बजे दीप प्रज्वलन के साथ रात्रिकालीन कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। सरस्वती वंदना के उपरांत बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके पश्चात शेखचिल्ली एवं रूखसाना एंड पार्टी के कलाकारों
द्वारा हास्य एवं रागनी कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।इन कलाकारों में शलेकचंद हूण, मौनी शर्मा, शीला तूफान, हरी राम तूफान,डॉ. जाकिर खान, प्रताप सिंह गौतम, जारा खान एवं लोकेंद्र तूफान शामिल
रहेंगे, जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे।इस अवसर पर शिव मंदिर बाराही सेवा समिति के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल भाटी,
महासचिव ओमवीर सिंह बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल, मीडिया प्रभारी
मूलचंद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ठेकेदार, उपाध्यक्ष सुनील देवधर, विनोद कौंडली, अनिल भाटी, सहसचिव विनोद सिकंद्राबादी, पवन जिंदल
सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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