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आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज में “INDIA AI IMPACT | प्री-समिट 2026” का सफल आयोजन, एआई-रेडी वर्कफोर्स पर मंथन

आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज में “INDIA AI IMPACT | प्री-समिट 2026” का सफल आयोजन, एआई-रेडी वर्कफोर्स पर मंथन

ग्रेटर नोएडा | आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा द्वारा नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (NFED) एवं E-CELL-ITSEC के सहयोग से, AICTE और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के तत्वावधान में “INDIA AI IMPACT | प्री-समिट 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आगामी India AI Impact Summit 2026 की राष्ट्रीय तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें संकाय सदस्य, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, स्टार्टअप प्रतिनिधि और विभिन्न विषयों के विद्यार्थी शामिल रहे।कार्यक्रम की केंद्रीय थीम “मानव पूंजी संवर्धन: एआई-रेडी वर्कफोर्स के लिए” रही। इसका उद्देश्य शिक्षा संस्थानों और अकादमिक जगत को तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप तैयार करना था, ताकि भविष्य की कार्यशक्ति तकनीकी रूप से सक्षम और नवाचारोन्मुख बन सके।कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग ने नवाचार आधारित शिक्षा और एआई को पाठ्यक्रम से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञ पैनल में शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल से डॉ. दिपन साहू, इंडस-एआई प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं संस्थापक विवेक गुप्ता तथा Tredence Inc. के Azure डेटा इंजीनियर रजत जैन शामिल रहे।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसमें “मानव पूंजी संवर्धन: एआई-रेडी वर्कफोर्स के लिए” विषय पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने उच्च शिक्षा में एआई के समावेशन, कार्यबल में हो रहे बदलाव, शोध एवं उद्योग सहयोग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे अहम पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। इसके साथ ही “जनरेटिव एआई एवं एजेंटिक एआई टूल्स का प्रयोग: नवाचार एवं स्टार्टअप्स को पोषित करने हेतु” विषय पर आयोजित हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेशन में प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया, जिसे छात्रों और नवप्रवर्तकों ने विशेष रूप से सराहा।कार्यक्रम में प्रतिभागियों को AICTE की ओर से ई-प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। दिनभर चले इस आयोजन में भोजन और अल्पाहार की भी समुचित व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के दौरान एआई की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया, जो शोध, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और संस्थागत क्षमता निर्माण में लगातार बढ़ रही है।कार्यक्रम के सफल समापन पर आयोजकों ने कहा कि इस पहल के माध्यम से आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, NFED और E-CELL-ITSEC ने नवाचार, उद्यमिता और एआई-आधारित उत्कृष्टता को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूती से प्रस्तुत किया है।

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