श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का हुआ भव्य समापन
श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का हुआ भव्य समापन

ग्रेटर नोएडा।श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन दिवस 12 मार्च 2026 को ग्राम सालारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय, विकासखंड दनकौर में अत्यंत उत्साह, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता के वातावरण में संपन्न हुआ। यह शिविर महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल तथा प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के संरक्षण में तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर के निर्देशन में संचालित किया गया। समापन दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेवकों द्वारा श्रमदान से की गई। स्वयंसेवकों ने पूरे परिसर की साफ-सफाई करते हुए कार्यक्रम स्थल को व्यवस्थित किया, सड़कों की सफाई की तथा कक्षाओं को सजाकर दीवारों पर सातों दिनों में बनाए गए पोस्टर, जागरूकता संदेश और रचनात्मक सामग्री प्रदर्शित की। इस प्रकार स्वयंसेवकों ने श्रम, अनुशासन और रचनात्मकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। समापन समारोह का संचालन सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स, उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना वैदिक तथा ग्राम सालारपुर के वरिष्ठ ग्रामवासियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात स्वयंसेविकाओं द्वारा सरस्वती वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया ने मंच से सात दिवसीय शिविर की संक्षिप्त आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, श्रमदान, स्वास्थ्य एवं संचारी रोग जागरूकता, नशा उन्मूलन, मतदान जागरूकता, साइबर क्राइम से बचाव, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संवर्धन तथा मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य “समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास” है और यह शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है।इसके पश्चात ग्राम सालारपुर के वरिष्ठ ग्रामवासियों को महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने भी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति प्रारंभ हुई। स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीत “तेरी मिट्टी में मिल जावां” पर भावपूर्ण नृत्य, पंजाबी गीतों पर नृत्य तथा हरियाणवी लोकगीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने प्रेरणादायी भाषण, कविताओं का पाठ तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।शिविर के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयंसेवक टोलियों को पुरस्कृत भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में टोली नंबर 1 को प्रथम, टोली नंबर 2 को द्वितीय तथा टोली नंबर 3 को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि श्रमदान गतिविधियों में टोली नंबर 5 को प्रथम, टोली नंबर 4 को द्वितीय तथा टोली नंबर 1 को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर छात्रों के टोली नायक अभिषेक कसाना को प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि छात्राओं की टोली नायिका अनु शर्मा को उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।इसके पश्चात प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिक अर्चना वैदिक ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर में सात दिनों तक अनुशासन और सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए स्वच्छता एवं जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी शिविर में सीखी गई बातों को समाज में भी प्रसारित करेंगे और लोगों को सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे। प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सात दिवसीय शिविर में प्राप्त अनुभवों और शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही इस शिविर की वास्तविक सफलता होगी। उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना को विकसित करती है तथा उन्हें समाज की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराती है।इसके उपरांत महाविद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचनों में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इन सात दिनों में विद्यार्थियों ने जिस अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि शिविर के दौरान सीखे गए मूल्यों—स्वच्छता, अनुशासन, सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व—को अपने जीवन का स्थायी हिस्सा बनाएं तथा समाज में भी इन आदर्शों का प्रसार करें। उन्होंने कहा कि जब युवा समाज सेवा की भावना से प्रेरित होकर आगे बढ़ते हैं, तब समाज, राज्य और राष्ट्र सभी प्रगति की दिशा में आगे बढ़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में सहायक कार्यक्रम अधिकारी अमित नागर ने सभी मंचासीन अतिथियों, ग्रामवासियों, महाविद्यालय के आचार्यगणों, कार्यालयी एवं गैर-कार्यालयी कर्मचारियों तथा सहयोग प्रदान करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग और सहभागिता के कारण यह सात दिवसीय शिविर अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यालय के बच्चों एवं उपस्थित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। सभी ने भोजन ग्रहण करते हुए कार्यक्रम की सराहना की और राष्ट्रीय सेवा योजना की इस पहल को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। इस प्रकार राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर समाज सेवा, जागरूकता, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना का प्रेरणादायी संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




