गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा बूट कैंप का हुआ सफल आयोजन
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा बूट कैंप का हुआ सफल आयोजन
ग्रेटर नोएडा। त्रिगुणा, द साइंस ऑफ लिविंग ने वेल्वोलिन और कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा बूट कैंप का आयोजन किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित एवं ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें त्रिगुणा के संस्थापक श्री आदर्श गुप्ता ने ट्रैफिक नियमों और अनुशासित जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “आज के युवाओं में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है, क्योंकि देश में होने वाली दुर्घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा लापरवाही और असावधानी के कारण होता है।” कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कुलदीप, सेफ्टी डिपार्टमेंट से जुड़े विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने तकनीकी और व्यवहारिक दृष्टिकोण से सड़क सुरक्षा के नियमों पर चर्चा की। उनके अनुसार, हेलमेट, सीट बेल्ट और मोबाइल के प्रयोग से दूरी जैसी छोटी सावधानियाँ बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती हैं।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राणा प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि त्रिगुणा द्वारा आयोजित यह बूट कैंप केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा था, जो युवाओं में सुरक्षा, ज़िम्मेदारी और जागरूकता की भावना को प्रोत्साहित करता है।इस अवसर पर डॉ इंदु उप्रेती डीन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, डॉ सुभोजित बनर्जी, डॉ विनय कुमार लिटौरिया, डॉ लवी, डॉ कविता सिंह, डॉ शिवसई, डॉ राहुल कपूर उपस्थित थे, जिन्होंने छात्रों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को छात्रों ने बेहद सकारात्मक रूप से लिया और पूरे उत्साह से भागीदारी दिखाई।कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि 250 छात्रों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए, ताकि वे सुरक्षा के महत्व को केवल समझें नहीं, बल्कि अपने जीवन में अपनाएं भी। हेलमेट वितरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्र अपने दैनिक जीवन में भी इस जानकारी को व्यवहार में लाएं।पूरे कार्यक्रम का संयोजन और संचालन सुश्री ज़ेबैश द्वारा किया गया। उन्होंने विभिन्न सत्रों को बेहतरीन ढंग से संयोजित किया, जिसमें इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर, केस स्टडीज़ और वीडियो प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं।कार्यक्रम के अंत में एक ओपन फोरम आयोजित किया गया, जहाँ छात्रों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किए।