दनकौर क्षेत्र में कौशल शिक्षा (कौशल बोध) पर एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
दनकौर क्षेत्र में कौशल शिक्षा (कौशल बोध) पर एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन

ग्रेटर नोएडा।दिनांक 21 फरवरी 2026 को सरदार पटेल विद्यालय, सेक्टर 25 में कौशल शिक्षा (कौशल बोध) विषय पर शिक्षकों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए अनेक शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य रिसोर्स पर्सन इरा विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त उप-प्रधानाचार्या एवं OSD, विद्या भारती स्कूल) रहीं, जिन्होंने कौशल आधारित शिक्षा के महत्व और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। दूसरी रिसोर्स पर्सन श्रीमती हरविंदर कौर, प्रधानाचार्या, सरदार पटेल विद्यालय रहीं। वे UNESCO, NCERT, CBSE तथा Institute of Secretariat Training and Management से संबद्ध मास्टर ट्रेनर हैं और शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। इस अवसर पर रविंद्र पाल सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर एवं अपर निदेशक, कौशल शिक्षा विभाग, सीबीएसई ने ऑनलाइन माध्यम से विशेष सत्र का संचालन किया। अपने ऑनलाइन संबोधन में उन्होंने शिक्षकों को कौशल आधारित शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उनके प्रेरणादायी ऑनलाइन सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक एवं उत्साहवर्धक बना दिया। प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सन ने कौशल बोध की अवधारणा, इसकी आवश्यकता, कक्षा VI से VIII तक इसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता एवं व्यवहारिक ज्ञान का विकास करती है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यह कार्यक्रम पूर्णतः NEP 2020 के अनुरूप रहा, जो समग्र, बहुविषयक एवं अनुभवात्मक शिक्षा पर बल देता है तथा प्रारंभिक कक्षाओं से ही जीवन कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की वकालत करता है। कौशल बोध इस दिशा में एक सशक्त पहल है, जो केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण के स्थान पर गतिविधि-आधारित एवं परियोजना-आधारित अधिगम को बढ़ावा देता है। साथ ही, यह पहल NCF-SE 2023 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें दक्षता-आधारित अधिगम, व्यावहारिक सहभागिता एवं बहुविषयक कौशलों को प्रमुख शैक्षिक लक्ष्य के रूप में निर्धारित किया गया है। इससे सुनिश्चित होता है कि कौशल बोध की विषयवस्तु विद्यार्थियों में जीवन कौशल, सृजनात्मकता, सहयोगात्मक कार्य-शैली तथा भविष्य के लिए आवश्यक तैयारियों को सुदृढ़ करती है।कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके शिक्षण कौशल में वृद्धि होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलेगी। दनकौर क्षेत्र में इस प्रकार का आयोजन विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुआ। प्रधानाचार्या हरविंदर कौर ने सभी प्रतिभागियों एवं रिसोर्स पर्सन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।




