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राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने यूजीसी कानून के विरोध में बैठक की; अध्यक्ष ने कानून वापस न होने तक आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान

राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने यूजीसी कानून के विरोध में बैठक की; अध्यक्ष ने कानून वापस न होने तक आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान

ग्रेटर नोएडा।श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर धीरज सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को अल्फा वन स्थित कार्यालय पर संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रोफेसर डॉ. आनंद प्रताप सिंह को शैक्षणिक एवं अनुसंधान संवर्ग का पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया।नवनियुक्त प्रभारी प्रो. आनंद प्रताप सिंह ने यूजीसी कानून को आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक बताते हुए कहा, “यह कानून समाज को तोड़ने वाला है और इससे शिक्षा क्षेत्र में गंभीर असंतुलन पैदा होगा। हमें इसकी गहराई से जांच करनी चाहिए और इसका विरोध करना आवश्यक है।”प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर धीरज सिंह ने यूजीसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को अपर्याप्त बताते हुए कहा, “सरकार पहले भी जनता को एससी /एसटी एक्ट पर गुमराह कर चुकी है। जब सुप्रीम कोर्ट ने एससी /एसटी एक्ट लगाने से पहले जांच के आदेश दिए थे, तब सरकार ने अपनी मंशा के अनुरूप अलग से नया कानून बनाकर उन आदेशों की अवहेलना की थी। इसी प्रकार यूजीसी कानून पर भी सरकार का रवैया संदिग्ध है। हमें पूर्ण न्याय की मांग करनी होगी।”

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष टीपी सिंह ने बैठक में जोर देते हुए कहा, “जब तक यूजीसी कानून पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हम समाज के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस मुद्दे पर जनजागरण अभियान चलाएंगे।”बैठक में संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे, जिनमें मनीष अग्रवाल, एस के झा, प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप सिंह राठौर, राजकुमार रावल, डॉ. सतेंद्र चौहान, ग्रेटर नोएडा नगर अध्यक्ष जगदीश राजपूत, जनपद के संरक्षक राधे भाटी आदि शामिल थे।श्री राजपूत करणी सेना समाज के उत्थान और न्याय की दिशा में निरंतर कार्यरत है और यूजीसी कानून जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

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