एनपीसीएल ने दिव्यांगजनों को बांटी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, सीएसआर के तहत एनपीसीएल ने 10 दिव्यांगजनों को सौंपी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
एनपीसीएल ने दिव्यांगजनों को बांटी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, सीएसआर के तहत एनपीसीएल ने 10 दिव्यांगजनों को सौंपी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

ग्रेटर नोएडा।नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने अपने सीएसआर कार्यक्रम ‘सक्षम’ के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए ग्रेटर नोएडा में 10 दिव्यांग व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी दैनिक गतिविधियों को आसानी से पूरा कर सकें और रोजगार के अवसरों से भी लाभान्वित हो सकें।
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरण के लिए एनपीसीएल ने अपने लाइसेंस क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले 10 पात्र लाभार्थियों का चयन किया। पात्रता की पुष्टि के लिए सभी लाभार्थियों के यूडीआईडी कार्ड की सावधानीपूर्वक जांच की गई, जिससे उनकी दिव्यांगता प्रतिशत का सत्यापन सुनिश्चित हो सके।
एनपीसीएल की इस पहल का लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए एनपीसीएल की सीएसआर टीम ने लाभार्थियों के घर जाकर भौतिक सत्यापन भी किया। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की खरीद और वितरण के लिए आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ALIMCO) को कार्यान्वयन साझेदार बनाया गया, जो भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित उपक्रम है और दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों के निर्माण और वितरण में विशेषज्ञता रखता है।
ट्राइसाइकिल वितरण समारोह के दौरान जब लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सौंपी गई, तो उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। यह पल उनके लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की शुरुआत जैसा था। इस मौके पर एनपीसीएल की ओर से हेड – डिस्ट्रीब्यूशन टेक्निकल सारनाथ गांगुली, हेड-डिस्ट्रीब्यूशन ऑपरेशंस सुबोध कुमार त्यागी और हेड – बिज़नेस एक्सीलेंस, कंज्यूमर रिलेशंस एवं सीएसआर मेघना डोसी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।इस अवसर पर एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, “ एनपीसीएल की ये पहल दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमारे लाइसेंस क्षेत्र में कई दिव्यांगजन ऐसे हैं, जिनके लिए आवागमन एक बड़ी चुनौती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एनपीसीएल पात्र लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान कर रहा है, ताकि वे बिना किसी सहारे के अपने काम, पढ़ाई और रोजगार से जुड़ सकें। “एनपीसीएल की ये कोशिश न केवल दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है।




