GautambudhnagarGreater noida news

नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शारदा केयर-हेल्थसिटी में हुआ उद्घाटन,ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने किया उद्घाटन

नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शारदा केयर-हेल्थसिटी में हुआ उद्घाटन,ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने किया उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा।ग्रेटर नोएडा के सबसे बड़े सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, शारदा केयर-हेल्थसिटी ने नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी ) सेंटर के उद्घाटन की घोषणा की। यह क्षेत्र में एडवांस्ड टर्शियरी केयर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सेंटर का औपचारिक उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ब्रजेश पाठक द्वारा किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, मेडिकल एक्सपर्ट्स और शारदा ग्रुप का नेतृत्व भी उपस्थित रहा। शारदा केयर-हेल्थसिटी में शुरू किया गया यह नया बीएमटी सेंटर जटिल हेमेटोलॉजिकल कंडीशन्स से पीड़ित मरीजों को व्यापक और वर्ल्ड-क्लास इलाज प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इनमें ल्यूकेमिया, लिंफोमा, थैलेसीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया और अन्य जानलेवा ब्लड डिसऑर्डर्स शामिल हैं। अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड इंफेक्शन-कंट्रोल यूनिट्स और अनुभवी स्पेशलिस्ट्स की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ यह सेंटर नॉर्थ इंडिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाओं के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। यह सेंटर बच्चों (पीडियाट्रिक) और वयस्क (एडल्ट) दोनों मरीजों के लिए व्यापक बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएं प्रदान करेगा, जिसमें मैच्ड सिबलिंग, मैच्ड अनरिलेटेड डोनर और हैप्लोआइडेंटिकल ट्रांसप्लांट शामिल हैं। इसके अलावा, यह सेंटर ऑटोइम्यून कंडीशन्स, विशेष रूप से मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लिए ऑटोलॉगस BMT भी प्रदान करेगा, जिसे हाई-डोज और इंडक्शन थेरेपी, टार्गेटेड ट्रीटमेंट, इम्यूनोथेरेपी, एडवांस्ड ग्राफ्ट मैनिपुलेशन और CAR-T सेल थेरेपी का समर्थन प्राप्त है। सख्त इंफेक्शन कंट्रोल के लिए समर्पित HEPA-फिल्टर्ड ट्रांसप्लांट यूनिट्स से लैस यह सेंटर सटीक डोनर मैचिंग और मरीजों की निगरानी के लिए एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स और इम्यूनोलॉजी सपोर्ट भी प्रदान करता है| ऑटोलॉगस, एलोजेनिक और हैप्लोआइडेंटिकल ट्रांसप्लांट में विशेषज्ञता के साथ-साथ इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर, ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। यह सुविधा सुरक्षित, सुगम और मरीज-केंद्रित इलाज प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य बेहतर परिणाम और तेज रिकवरी सुनिश्चित करना है।शारदा केयर-हेल्थसिटी के बीएमटी सेंटर की खासियत इसका बड़ा स्तर, मजबूत क्लिनिकल प्रोटोकॉल और एक ही इंटीग्रेटेड सिस्टम के भीतर एंड-टू-एंड ट्रांसप्लांट केयर प्रदान करने की क्षमता है। इससे एडवांस्ड ट्रांसप्लांट सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और मेट्रो शहरों पर निर्भरता कम होगी। बड़ी संख्या में वयस्क अब भी बिना निदान के रह जाते हैं या देर से पहचान होने के कारण लंबे समय तक जटिलताओं के साथ जीवन जीते हैं। बच्चों में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां 0 से 12 वर्ष की आयु के हर चार में से एक बच्चे में ब्लड डिसऑर्डर की आशंका होती है, जिनमें से कई को इनहेरिटेड हीमोग्लोबिन डिजीज का निदान होता है और आधे से अधिक बच्चे तीन साल से कम उम्र के होते हैं। इस अवसर पर शारदा ग्रुप के चेयरमैन पी.के. गुप्ता ने कहा, “नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर के लॉन्च के साथ, हम एक भविष्य के लिए तैयार हेल्थकेयर इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। यह सुविधा हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम BMT जैसे अत्यधिक विशेषज्ञता वाले और जीवन रक्षक उपचार को बड़े स्तर पर सुलभ बना रहे हैं, साथ ही क्लिनिकल एक्सीलेंस और मरीजों की देखभाल में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।शारदा ग्रुप के वाइस चेयरमैन, वाई.के. गुप्ता* ने कहा, “इस एडवांस्ड बीएमटी सेंटर की स्थापना शारदा केयर-हेल्थसिटी को टर्शियरी केयर में एक अग्रणी संस्थान के रूप में और मजबूत बनाती है। अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मेडिकल टीम्स के संयोजन से हमारा लक्ष्य बेहतर ट्रांसप्लांट परिणाम प्रदान करना और नॉर्थ इंडिया के मरीजों के लिए वर्ल्ड-क्लास हेमेटोलॉजी केयर को और करीब लाना है।” क्लिनिकल एक्सीलेंस और व्यापक हेल्थकेयर विजन पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. पवन कुमार सिंह, वाइस चेयरमैन, डिपार्टमेंट ऑफ हीमैटो-ऑन्कोलॉजी एवं बीएमटी , शारदा केयर-हेल्थसिटी ने कहा, “बोन मैरो ट्रांसप्लांट कई गंभीर ब्लड डिसऑर्डर्स के लिए एक जीवन रक्षक और कई मामलों में पूरी तरह से ठीक करने वाला उपचार है। शारदा केयर-हेल्थसिटी में हम न केवल बीएमटी सेवाओं को सटीकता, सुरक्षा और बेहतर परिणामों के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि भारत सरकार के 2047 तक सिकल सेल डिजीज को समाप्त करने के मिशन का भी सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं, जिसके लिए हम व्यापक और उपचारात्मक देखभाल प्रदान कर रहे हैं। हमारा फोकस इलाज की पहुंच बढ़ाने, परिणामों में सुधार करने और मरीजों व उनके परिवारों को नई उम्मीद देने पर है।”इस लॉन्च के साथ, शारदा केयर-हेल्थसिटी ने नॉर्थ इंडिया में एक अग्रणी हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है—जहां बड़े स्तर, विशेषज्ञता और नवाचार का संगम देखने को मिलता है। ग्रेटर नोएडा के सबसे बड़े हॉस्पिटल और अब क्षेत्र के सबसे बड़े बीएमटी सेंटर के रूप में, यह संस्थान मरीजों की देखभाल और क्लिनिकल एक्सीलेंस के मानकों को लगातार नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।

Related Articles

Back to top button